हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम और करनाल केंद्र की प्रगति-50 सूची में शामिल

चंडीगढ़: केंद्र सरकार ने देश के 50 चुनिंदा शहरों को स्वच्छता के मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के लिए शुरू की गई प्रगति-50 पहल में हरियाणा के तीन शहरों—फरीदाबाद, गुरुग्राम और करनाल—को शामिल किया है। आधिकारिक सूची में इन तीनों शहरों के नगर निकायों—फरीदाबाद नगर निगम, गुरुग्राम नगर निगम और करनाल नगर निगम—को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 29 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इस पहल का शुभारंभ किया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 मई 2026 को हुई 51वीं प्रगति बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद तैयार की गई है। उस बैठक में प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 की समीक्षा करते हुए 50 शहरों को पूरी तरह स्वच्छ बनाने और ठोस एवं तरल कचरे के शत-प्रतिशत प्रसंस्करण का लक्ष्य रखा था। उन्होंने राज्यों से कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों और संबंधित आधारभूत सुविधाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया था।
प्रगति का पूरा नाम प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन है। यह केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय, परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करने का मंच है। प्रगति-50 इसी ढांचे पर आधारित शहरी स्वच्छता पहल है, जिसे स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत लागू किया जा रहा है। देश के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 50 शहरों को इसमें चुना गया है। इनमें राज्य राजधानियां, पर्यटन स्थल, तीर्थ नगर और प्रमुख आर्थिक केंद्र शामिल हैं।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इन शहरों को नियमित सफाई से आगे बढ़कर दिखाई देने वाली स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित करने होंगे। लक्ष्य ठोस कचरा प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी में स्पष्ट सुधार लाना है। प्रगति की निगरानी परिणाम आधारित आकलन और तकनीक आधारित व्यवस्था से होगी। मंत्री स्वयं हर दो महीने में समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। मंत्रालय के अधिकारी चुने गए शहरों की नियमित निगरानी और सहयोग भी करेंगे।
हरियाणा के तीनों शहरों के चयन का सीधा अर्थ नगर निकायों की जिम्मेदारी बढ़ना है। कचरे का संग्रह, परिवहन और निस्तारण, कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों का समय पर संचालन, सार्वजनिक स्थानों की सफाई, सड़क और फुटपाथ व्यवस्था, हरित क्षेत्र का विस्तार तथा नागरिक सेवाओं की निगरानी अब मिशन मोड में देखी जाएगी। फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में स्वच्छता के साथ वायु प्रदूषण, सड़क की धूल, हरियाली और यातायात प्रबंधन भी प्राथमिकता में रहेंगे।
प्रगति-50 का जोर केवल नई योजनाएं बनाने पर नहीं, बल्कि तय समय में क्रियान्वयन और नागरिकों को दिखने वाले परिणाम पर है। नगर निकायों को सूक्ष्म स्तर की कार्य योजना बनानी होगी और उसे तेजी से लागू करना होगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि ये 50 शहर देश के अन्य शहरी निकायों के लिए आदर्श बनें।



