तथ्य-जाँच नीति

अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026

VeeiNews की पहचान भरोसे पर टिकी है। इसलिए कोई भी ख़बर, तस्वीर या वीडियो प्रकाशित करने से पहले हम उसकी जाँच करते हैं। यह पेज बताता है कि हमारी तथ्य-जाँच की प्रक्रिया क्या है।

1. हमारा सिद्धांत

“पहले सही, फिर तेज़।” हम ख़बर सबसे पहले देने की होड़ में अधूरी या अपुष्ट जानकारी प्रकाशित नहीं करेंगे।

2. प्रकाशन से पहले हम क्या जाँचते हैं

  • नाम और पद: व्यक्ति, संस्था या अधिकारी के नाम और पद सही हैं या नहीं
  • तारीख़ और समय: घटना कब हुई
  • जगह: घटना कहाँ हुई
  • आँकड़े: संख्या, प्रतिशत, राशि और उनका स्रोत
  • बयान: किसने, कब और किस संदर्भ में कहा
  • तस्वीरें और वीडियो: वे असली हैं, पुराने नहीं हैं, और उसी घटना से जुड़े हैं

3. जाँच की प्रक्रिया

  1. स्रोत की पहचान: सूचना कहाँ से आई, यह देखा जाता है।
  2. पुष्टि: जहाँ संभव हो, कम से कम एक भरोसेमंद स्रोत से पुष्टि की जाती है। संवेदनशील या विवादित ख़बरों में ज़्यादा स्रोतों से मिलान किया जाता है।
  3. दस्तावेज़ों की जाँच: सरकारी आदेश, अदालती फ़ैसले, प्रेस विज्ञप्ति जैसे दस्तावेज़ मूल रूप में देखे जाते हैं।
  4. संपादक की समीक्षा: प्रकाशन से पहले संपादक ख़बर को दोबारा पढ़कर जाँचता है।
  5. प्रकाशन: जाँच पूरी होने पर ही ख़बर प्रकाशित होती है।

4. हम किन स्रोतों को भरोसेमंद मानते हैं

  • सरकारी विभाग, मंत्रालय और आधिकारिक वेबसाइटें
  • पुलिस, प्रशासन और अदालतों के आधिकारिक बयान या रिकॉर्ड
  • मान्यता प्राप्त संस्थाएँ और शोध संस्थान
  • प्रत्यक्षदर्शी और संबंधित पक्ष, जिनकी जानकारी अलग स्रोत से पुष्ट हो
  • स्थापित और भरोसेमंद समाचार संस्थान, जिनका हम नाम और लिंक के साथ हवाला देते हैं

5. सोशल मीडिया और वायरल सामग्री

  • सोशल मीडिया की किसी पोस्ट, तस्वीर या वीडियो को बिना जाँच के ख़बर नहीं बनाया जाता।
  • तस्वीरों की जाँच के लिए रिवर्स इमेज सर्च जैसे तरीक़े अपनाए जाते हैं, ताकि पता चले कि वे पुरानी या किसी और घटना की तो नहीं।
  • वायरल दावे की पुष्टि न होने पर उसे तथ्य की तरह नहीं लिखा जाता।

6. अपुष्ट और विकसित होती ख़बरें

  • जब जानकारी पूरी तरह पुष्ट न हो, तो लेख में साफ़ लिखा जाता है कि “अपुष्ट” या “जाँच जारी है”।
  • ब्रेकिंग ख़बरों में जो पता है और जो नहीं पता, दोनों साफ़ बताए जाते हैं।
  • नई जानकारी आने पर लेख अपडेट किया जाता है और अपडेट की तारीख़ दिखाई जाती है।

7. गुमनाम स्रोत

गुमनाम स्रोत का उपयोग केवल तब किया जाता है जब:

  • ख़बर जनहित की हो
  • स्रोत की जान या नौकरी को ख़तरा हो
  • जानकारी की अलग से पुष्टि हो चुकी हो

ऐसी स्थिति में हम लेख में साफ़ बताते हैं कि स्रोत की पहचान क्यों नहीं दी गई।

8. आँकड़े और सर्वे

  • आँकड़े देते समय उनका स्रोत और साल बताया जाता है।
  • सर्वे या सर्वेक्षण की ख़बर में यह बताया जाता है कि उसे किसने किया।
  • जहाँ आँकड़ों की व्याख्या अलग हो सकती है, वहाँ संदर्भ भी दिया जाता है।

9. AI से बनी सामग्री की जाँच

यदि किसी लेख या तस्वीर में AI टूल की मदद ली जाती है, तो उसकी हर जानकारी की जाँच अलग से की जाती है। AI से बनी तस्वीर को असली घटना की तस्वीर बताकर प्रकाशित नहीं किया जाता। AI से बनी तस्वीर होने पर उसका उल्लेख किया जाता है।

10. ग़लती मिलने पर

  • ग़लत जानकारी मिलने पर हम उसे हमारी सुधार नीति के अनुसार ठीक करते हैं।
  • सुधार साफ़ नोट के साथ दिखाया जाता है।

11. पाठक हमारी मदद कैसे करें

यदि आपको लगता है कि हमारे किसी लेख में ग़लत जानकारी है, या कोई वायरल दावा जाँचने लायक है, तो हमें बताएँ:

ईमेल: veeinews@gmail.com
विषय: “तथ्य-जाँच – [लेख या दावे का शीर्षक]”

कृपया लेख का लिंक और, यदि हो तो सही जानकारी का स्रोत ज़रूर भेजें।

12. संबंधित नीतियाँ

13. संपर्क

मुख्य संपादक: अंकित सिंह
VeeiNews
3, आकाश नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, भोपाल, मध्य प्रदेश 462003, भारत
ईमेल: veeinews@gmail.com