REPORT: इंदौर में 1 अक्टूबर से महंगा हुआ दूध; जानिए आपके बजट पर असर और किसानों की नई मांगें

INDORE — आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले इंदौर के परिवारों को एक बड़ा आर्थिक झटका लगने वाला है। 1 अक्टूबर (गुरुवार) से शहर में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर का सीधा उछाल देखने को मिलेगा। इंदौर दूध विक्रेता संघ (Indore Milk Vendors Association) ने दूध उत्पादकों से खरीदी का भाव बढ़ाने के साथ ही उपभोक्ताओं के लिए भी नई दरों का ऐलान कर दिया है। शहर में रोजाना करीब 12 लाख लीटर दूध की खपत होती है, और इस फैसले से सीधे तौर पर आम आदमी का मासिक बजट प्रभावित होने वाला है।
THE IMPACT: नई दरें और आपकी जेब
लंबे समय से कीमतों में संशोधन का इंतजार किया जा रहा था। विक्रेता संघ द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, घर पहुंच सेवा और डेयरी, दोनों जगहों पर दूध के दाम बढ़ा दिए गए हैं। ये नई दरें 5.5 से 6 फैट वाले दूध के आधार पर तय की गई हैं:
- घर पहुंच दूध (Home Delivery): अब ₹65 प्रति लीटर (पहले ₹63)। इसमें ₹64 दूध की कीमत और ₹1 डिलीवरी/सेवा शुल्क शामिल है।
- दुकान/डेयरी (Shop/Dairy): अब ₹68 प्रति लीटर (पहले ₹66)।
BY THE NUMBERS: कितना बढ़ेगा आपका मासिक खर्च?
जिन परिवारों में दूध की दैनिक खपत ज्यादा है, उन्हें महीने के अंत में अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। 2 रुपये प्रति लीटर की इस सीधी बढ़ोतरी का गणित कुछ इस तरह है:
- 1 लीटर प्रतिदिन: ₹60 अतिरिक्त प्रति माह (₹730 वार्षिक)
- 2 लीटर प्रतिदिन: ₹120 अतिरिक्त प्रति माह (₹1,460 वार्षिक)
- 5 लीटर प्रतिदिन: ₹300 अतिरिक्त प्रति माह (₹3,650 वार्षिक)
THE STANDOFF: किसान बनाम विक्रेता संघ
इस मूल्य वृद्धि के पीछे की असली वजह दूध उत्पादक किसानों और विक्रेता संघ के बीच चल रही खींचतान है। किसानों की लंबे समय से मांग थी कि उत्पादन लागत (पशु आहार, कपास्या खली, चापड़) बढ़ने के कारण खरीदी रेट बढ़ाया जाए।
विक्रेता संघ का पक्ष: किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के दाम में भी प्रति फैट 33 पैसे की वृद्धि की गई है। अब किसानों को 8.90 रुपये के बजाय 9.23 रुपये प्रति फैट के हिसाब से भुगतान होगा।
भरत मथुरावाला (अध्यक्ष, इंदौर दूध विक्रेता संघ): “संघ पिछले 38 वर्षों से काम कर रहा है। हमारी जिम्मेदारी किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप भुगतान दिलाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ न डालने की भी है। सांची से अधिक भुगतान हम कर रहे हैं। यदि बारिश की कमी बनी रही और पशु आहार के दाम और बढ़े, तो भविष्य में भाव पर दोबारा विचार किया जा सकता है।”
किसानों का पक्ष: संघ द्वारा की गई यह वृद्धि किसानों को नाकाफी लग रही है।
दिलीप सिंह पंवार (अध्यक्ष, मध्यप्रदेश दूध किसान संघ): “किसानों के लिए यह मामूली बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। हमारी स्पष्ट मांग है कि दूध का खरीद मूल्य ₹70 प्रति लीटर या फैट के आधार पर ₹12 प्रति फैट किया जाए। शहर में कुछ व्यापारी 68-70 रुपये में दूध खरीद रहे हैं, ऐसे में सभी किसानों को यह उचित मूल्य मिलना चाहिए।”
WHAT’S NEXT: क्या शहर में रुक जाएगी दूध की सप्लाई?
विवाद मुख्य रूप से दूध के खरीद मूल्य और किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत को लेकर है। किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ₹70 प्रति लीटर (या ₹12/फैट) की मांग पूरी नहीं हुई, तो वे शहर में दूध की सप्लाई रोक सकते हैं।
हालांकि, अभी सप्लाई बंद करने का कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। 1 अक्टूबर से नई दरें लागू होना तय है, लेकिन भविष्य में दूध की निर्बाध आपूर्ति दोनों पक्षों के बीच आगे होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी। इस बीच, देवास, उज्जैन, धार और खंडवा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी दूध के दामों में लगभग 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।



