सपा नेता आज़म ख़ान की गिरफ़्तारी पर उनके वकील ने दी ये जानकारी

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आज़म ख़ान शनिवार को रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन रिहाई के तुरंत बाद जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ़्तार कर लिया.
इस मामले पर उनके वकील नासिर सुल्तान ने शनिवार रात को कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा नहीं देखा. उन्होंने इसे सरकार का तानाशाहीपूर्ण रवैया बताया.
वकील नासिर सुल्तान ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, जिस तरह से मोहम्मद आज़म ख़ान को जेल से निकलते ही उठाया गया, उठाने का कोई आधार नहीं बताया गया. कहां लेकर जा रहे हैं और कौन उठा रहा है, कुछ नहीं बताया गया. इस तरह किसी को जेल से निकलते हुए उठाना या हिरासत में लेना हमने आज तक नहीं देखा.
उन्होंने कहा, तीन दिन की मेहनत और मशक्कत के बाद वो जेल से रिहा हुए और तब उन्हें उठा लिया गया. मैं यही कहूंगा कि यह सरकार का एक तानाशाहीपूर्ण रवैया है. मोहम्मद आज़म ख़ान से किसे ख़तरा है? 2027 का चुनाव क़रीब है तो जिसे ख़तरा होगा, वही ये सब काम करवा रहे हैं.
आज़म ख़ान इस देश के सबसे बड़े सेक्युलर नेता हैं. उनकी आवाज़ पूरे देश में सुनी जाती है. सरकार नहीं चाहती कि वो बाहर आएं. सरकार में रहने वाली पार्टी को उनसे नुक़सान होगा.
14 अक्तूबर 2026 को प्रवर्तन निदेशालय ने आज़म ख़ान को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नामज़द किया था. इसी मामले में उन्हें शनिवार को गिरफ़्तार किया गया है.(bbc.com/hindi)



