फ्लाईदुबई घटना के बाद भारत विदेशी क्रू की पृष्ठभूमि जांच की समीक्षा कर रहा है, पाकिस्तानी नागरिकों पर खास ध्यान

नई दिल्ली: 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में कॉकपिट हमले के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं की आंतरिक समीक्षा कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, समीक्षा में भारत आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइंस के पायलट और अन्य चालक दल के सदस्यों की पृष्ठभूमि जांच का पहलू भी शामिल हो सकता है। इसमें पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
क्या हुआ था उड़ान में
फ्लाईदुबई की बोइंग 737 मैक्स उड़ान में करीब 174 लोग सवार थे। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, इनमें से लगभग सभी यात्री इजरायली थे। मीडिया रिपोर्टों में 166 यात्रियों को इजरायली बताया गया है। उड़ान के दौरान ओमान के सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की।
नेतन्याहू ने कहा कि एक पायलट ने दूसरे पायलट को चाकू मारा और सभी यात्रियों के साथ विमान को क्रैश करने की कोशिश की। विमान की ऊंचाई तेजी से घटी। फ्लाइट ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक, यह कुछ ही समय में 17,000 फीट से अधिक नीचे आया। इमरजेंसी कोड जारी होने के बाद इजरायल ने लड़ाकू विमान भी तैनात किए। यात्रियों और क्रू ने हमलावर पर काबू पाया। विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। सभी यात्री सुरक्षित रहे। कैप्टन मच्छर घायल हुए और अस्पताल में उनका इलाज चला। वे स्थिर बताए गए।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे Jihadist आतंकी हमले की नाकाम कोशिश बताया। जांच अभी चल रही है। नेतन्याहू ने कहा है कि हमले के पीछे कौन था, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। नवभारत टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है और उनके अलकायदा से प्रभावित होने की बात सामने आई है। एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि यह अकेले व्यक्ति की कार्रवाई थी या किसी संगठन की भूमिका थी।
भारत में क्या समीक्षा हो रही है
टाइम्स ऑफ इंडिया और न्यूज18 की रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा और खुफिया तंत्र फ्लाईदुबई घटना के बाद अलर्ट पर है। एजेंसियां यात्री स्क्रीनिंग, कॉकपिट पहुंच और उड़ान के दौरान सुरक्षा उपायों की गोपनीय समीक्षा कर रही हैं। दो व्यक्तियों की कॉकपिट उपस्थिति और फिजिकल बैरियर जैसे मौजूदा प्रोटोकॉल को मजबूत करने की जरूरत पर भी विचार हो रहा है। भारत इस घटना की सीधे जांच नहीं कर रहा, लेकिन यूएई, सऊदी अरब और इजरायल के साथ खुफिया साझेदारी पर नजर रख रहा है।
नवभारत टाइम्स ने 5 अक्टूबर 2026 को सूत्रों के हवाले से लिखा कि समीक्षा में विदेशी एयरलाइंस के पायलट और एयर होस्टेस समेत चालक दल की पृष्ठभूमि जांच शामिल हो सकती है। खासतौर पर यह देखा जा सकता है कि क्रू सदस्य किन देशों के हैं। भारत के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से आने-जाने वाली उड़ानों के कॉकपिट क्रू में पाकिस्तानी नागरिकों की मौजूदगी की जानकारी भी इस दायरे में आ सकती है। यह आधिकारिक घोषणा नहीं, सूत्रों पर आधारित दावा है।
कॉकपिट की कुल्हाड़ी पर सवाल
रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले में आपात स्थिति के लिए कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल हुआ। भारत में इसे कॉकपिट से हटाने या अन्य व्यवस्था करने पर मंथन हो रहा है। अंतिम रुख अंतरराष्ट्रीय विमानन दिशानिर्देशों और जांच के बाद जारी गाइडलाइंस के आधार पर तय होगा।
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि अब खतरा कॉकपिट के बाहर के साथ अंदर भी देखा जा रहा है। वे रेगुलेटरों के बीच पायलटों के सुरक्षा रिकॉर्ड साझा करने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि वह विदेशी पायलटों की पृष्ठभूमि जांच नहीं करता और उनके नाम पहले से नहीं मिलते।



