चिकित्सकों की लंबित मांगों पर सरकार की सहमति के बावजूद अब तक आदेश नहीं

CGDF /JDA ने स्वास्थ्य मंत्री से की शीघ्र कार्रवाई की मांग
रायपुर, 4 नवंबर। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने प्रदेश के चिकित्सकों से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण एवं लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को पुनः पत्र लिखकर शीघ्र विभागीय कार्रवाई एवं आदेश जारी करने की मांग की है।
फेडरेशन ने पत्र में उल्लेख किया है कि इन मांगों पर पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री ने सकारात्मक सहमति दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक संबंधित विभागीय आदेश जारी नहीं हुए हैं। इससे प्रदेश के चिकित्सकों में निराशा एवं असंतोष की स्थिति बनी हुई है। इन मांगों में 1. उच्च शिक्षा के लिए NOC प्रक्रिया का सरलीकरण
चिकित्सकों को उच्च शिक्षा हेतु NOC प्राप्त करने के लिए संपत्ति गिरवी रखने की अनिवार्य शर्त पूर्णतः समाप्त की जाए। अन्य राज्यों की तर्ज पर केवल शपथ-पत्र (Affidavit) के आधार पर NOC प्रदान करने की व्यवस्था लागू की जाए।
2. अनबंधित MBBS चिकित्सकों का मानदेय ₹70,000 प्रतिमाह
MBBS बॉन्डेड चिकित्सकों का मानदेय सामान्य क्षेत्र में ₹70,000 प्रतिमाह निर्धारित करने पर पूर्व में सहमति दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस संबंध में विभागीय आदेश जारी नहीं हुआ है।
3. अनबंधित PG (MD/MS) चिकित्सकों के मानदेय की विसंगति दूर की जाए
PG तृतीय वर्ष के चिकित्सकों को मिलने वाले मानदेय से ₹2,000 अधिक, अर्थात लगभग ₹95,000 प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने पर हुई सहमति को तत्काल लागू किया जाए। इस संबंध में भी विभागीय कार्रवाई लंबित है।
जेडीए रायपुर के अध्यक्ष डॉ पीयूष ने कहा कि मांगों पर केवल सहमति देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर समयबद्ध तरीके से आदेश जारी करना भी आवश्यक है। लंबे समय से लंबित इन विषयों के कारण चिकित्सकों के शैक्षणिक अवसर, आर्थिक हित एवं भविष्य प्रभावित हो रहे हैं।
जेडीए छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि तीनों विषयों पर शीघ्र विभागीय कार्रवाई पूर्ण कर आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF)डॉ. हीरा सिंह लोधी अध्यक्ष, CGDF डॉ. मंसिज़ मिरे उपाध्यक्ष, CGDFडॉ. नवीन कोठारी एवं डॉ. अनिश भगत महासचिव, CGDF ने भी आदेश जारी करने की मांग की है।

