सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: 5 शहरों में अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ के लिए शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

नई दिल्ली: पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम निर्देश जारी किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह देश के किन्हीं पांच शहरों की पहचान करे और वहां अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ (Encroachment-Free Footpaths) सुनिश्चित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरों में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराना है। अक्सर फुटपाथों पर अवैध कब्जे, रेहड़ी-पटरी या पार्किंग होने के कारण आम लोगों को मुख्य सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
सक्षम केंद्रीय अथॉरिटी बनाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केवल पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने तक ही अपना आदेश सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसके उचित क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत प्रशासनिक ढांचे की भी जरूरत बताई है। अदालत ने केंद्र सरकार से एक ऐसी केंद्रीय अथॉरिटी (Central Authority) या नोडल एजेंसी तय करने को कहा है, जो विशेष रूप से फुटपाथों और पैदल मार्गों का प्रबंधन संभाल सके।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस अथॉरिटी के पास अपने कामकाज को प्रभावी ढंग से और जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए:
- पर्याप्त फंड (Funds) की व्यवस्था हो।
- जरूरी कर्मचारियों (Staff) की नियुक्ति हो।
- उचित बुनियादी ढांचा (Infrastructure) उपलब्ध हो।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को शहरी विकास और नागरिक अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि इन पांच शहरों में यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकेगा। इससे महानगरों और छोटे शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और पैदल यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सकेगा।



