छत्तीसगढ़

बीजू जनता दल एसआईआर मुद्दे पर इंडी गठबंधन के मार्च में होगा शामिल

भुवनेश्वर, 6 अक्टूबर । बीजू जनता दल (बीजेडी) ने घोषणा की है कि वह मंगलवार को नई दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध मार्च में शामिल होगा। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कथित मनमाने फैसलों के खिलाफ है, जो मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और देश भर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़े हैं। राज्यसभा में बीजेडी संसदीय दल के नेता मानस मंगराज ने मंगलवार को बताया कि बीजेडी प्रमुख और विपक्ष के नेता (एलओपी) नवीन पटनायक के निर्देश पर पार्टी के सांसद विरोध मार्च में हिस्सा लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि बीजेडी प्रमुख पहले ही एसआईआर प्रक्रिया में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की विवादित भूमिका को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। बीजेडी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि एसआईआर के नाम पर ओडिशा में 20 लाख से अधिक और पूरे देश में 13 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए जाने की बात ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। मंगराज ने आरोप लगाया, धमनगर की घटना ने इन आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है। एक खास इलाके से अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के 227 वोट कथित तौर पर संबंधित बीएलओ की जानकारी के बिना हटा दिए गए, जिससे एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं।

उन्होंने कहा कि अकेले धमनगर विधानसभा क्षेत्र में ही हजारों वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। साथ ही, राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए दिए गए आवेदन ने और भी सवाल व चिंताएं पैदा कर दी हैं। राज्यसभा सदस्य का कहना है कि फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में चुनाव आयोग के पहले के निर्देशों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट ने साफ किया कि उसने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया था, जबकि चुनाव आयोग ने पहले कुछ और ही संकेत दिया था। मंगराज ने कहा कि इससे वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं। मंगराज ने कहा, बीजेडी ने इंडिया ब्लॉक और एनडीए, दोनों से ही समान दूरी बनाए रखी है। हालांकि, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की शुचिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के तौर पर बीजेडी आज के कार्यक्रम में हिस्सा लेगी। -(आईएएनएस)

नवीन कुमार

झारखंड के परिवेश से जुड़े रहे हैं। पहाड़, जंगल और छोटे कस्बों की जिंदगी उन्होंने करीब से देखी है। परिवार में सादगी और मेहनत का मूल्य सिखाया गया। वे लोगों से मिलना, उनकी बात सुनना और स्थानीय मेलों-त्योहारों में शामिल होना पसंद करते हैं। उनकी पहचान सीधेपन और जमीन से जुड़े रहन-सहन से है।

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