पुलिस की बीवी-बेटी के कातिल, 3 को फांसी की सजा, एक को उम्रकैद
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर, 8 अक्टूबर। सूरजपुर जिले के दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराए गए आरोपियों की सजा पर फैसला आज सुनाया गया। जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश ने सजा सुनाई।
13 अक्टूबर 2024 के रात्रि कोतवाली में पदस्थ तत्कालीन प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की आरोपियों ने नृशंस हत्या की थी।
कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह, और चंद्रकांत चौधरी (पूर्व एन एस यू आई जिलाध्यक्ष) को फांसी की सजा, एवं आर्यन उर्फ गोल्डी को आजीवन कारावास सुनाया गया।
ज्ञात हो कि दोहरे हत्याकांड में 28 सितंबर को जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया था। मामले में चार आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया है, जबकि दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। वहीं हत्या के प्रयास के एक मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।
दोहरे हत्याकांड एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामले में न्यायालय ने कुलदीप साहू, चंद्रकांत चौधरी, फूल सिंह उर्फ रिंकू और आर्यन को दोषी ठहराया है। वहीं सूरज साहू और नीलकेश्वर को मामले में दोषमुक्त कर दिया गया। दोषसिद्ध आरोपियों की सजा के बिंदु पर न्यायालय द्वारा 8 अक्टूबर को निर्णय सुनाया जाएगा।
इसके अलावा हत्याकांड के बाद फरार आरोपियों का पीछा कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में अभियोजन आरोप सिद्ध नहीं कर सका। इस मामले में कुलदीप साहू और सूरज साहू को बरी कर दिया गया है। वहीं पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। आरक्षक घनश्याम पर खौलता तेल उड़ेलने से संबंधित मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
दो साल पहले हुई थी दोहरी हत्या
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2024 की देर रात सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी की उनके किराए के मकान में हत्या कर दी गई थी। घटना को आपसी रंजिश से जोडक़र देखा गया था। मामले में सूरजपुर के कबाड़ कारोबारी कुलदीप साहू सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी।
घटना से पहले आरक्षक घनश्याम पर चौपाटी के पास ठेले से खौलता हुआ तेल उड़ेलने का भी आरोप लगा था। इसके बाद हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू सहित तत्कालीन एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी समेत आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।



