डिप्टी सीएम के अचानक निरीक्षण ने खोली व्यवस्था की पोल! सड़क-पुल की बदहाली पर अफसरों को फटकार, तत्काल सुधार के निर्देश।
विकास नंद/सर्वव्यापी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के सरगुजा प्रवास के दौरान किए गए अचानक निरीक्षण ने सड़क, पुल और साफ-सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अंबिकापुर-प्रतापपुर-खड़गवां मार्ग पर स्थित महानदी पुल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मौके पर सड़क एवं पुल की स्थिति का जायजा लिया और खामियां मिलने पर अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि हर जगह जाकर यह देखें कि कहां गड़बड़ी है और कहां मरम्मत की जरूरत है। उन्होंने सड़क एवं पुल से संबंधित कमियों को तत्काल दुरुस्त करने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री के अचानक निरीक्षण और अधिकारियों को लगाई गई फटकार के बाद सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का पता उच्च स्तर से अचानक निरीक्षण के बाद चलता है, तो नियमित निगरानी और विभागीय समन्वय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
हालांकि, यह कहना जल्दबाजी होगा कि सरकार और अधिकारियों के बीच वास्तव में तालमेल की कमी है। लेकिन डिप्टी सीएम की नाराजगी और तत्काल सुधार के निर्देश यह जरूर संकेत देते हैं कि मैदानी स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को और मजबूत करने की जरूरत है।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़क, पुल और सार्वजनिक व्यवस्थाओं में लापरवाही नहीं बरतने तथा नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए। अचानक निरीक्षण से संबंधित विभागों में हड़कंप की स्थिति भी देखने को मिली।
