छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय मंच पर गूंजी छत्तीसगढ़ की पोषण पहल, ‘वजन त्यौहार’ और बाल गृहों के आहार प्लान की हुई सराहना

रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-चिंतन शिविर में सराहना मिली। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुषमा स्वराज भवन, चाणक्यपुरी में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में देशभर के महिला एवं बाल विकास मंत्री, विभागीय सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।

सम्मेलन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, भारत सरकार के सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेवाओं में सुधार, मिशन वात्सल्य, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा किया जा रहा है। साथ ही महिला एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा की जा रही है।

सम्मेलन के प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ के ‘वजन त्यौहार’ को विशेष रूप से सराहा गया। इस पहल के जरिए बच्चों के वजन, वृद्धि और पोषण की स्थिति की नियमित निगरानी के साथ परिवार और समुदाय को पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कुपोषण कम करने के प्रयासों में जनभागीदारी को जोड़ना ‘वजन त्यौहार’ की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाल गृहों में रहने वाले बच्चों के लिए तैयार किए गए स्वास्थ्य प्लान और साप्ताहिक आहार चार्ट की भी सराहना की गई। बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इन व्यवस्थाओं के माध्यम से बाल गृहों में रहने वाले बच्चों की देखभाल को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की इन पहलों की प्रस्तुति से राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली को सामने रखने का अवसर मिला। सम्मेलन के आगामी सत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं, मिशन वात्सल्य, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर चर्चा जारी रहेगी। सम्मेलन के दूसरे दिन 9 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल होंगे।

सुनीता सिंह

एक जिम्मेदार और परिवार-केंद्रित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा है। पढ़ाई और घर संभालने के साथ-साथ समाज के छोटे कामों में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बच्चों से बात करना, त्योहारों की तैयारी और घर की पुरानी यादें संजोना अच्छा लगता है। उनकी भाषा सरल है और सोच स्पष्ट।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button