आधी रात डीजे की धुन पर झूमते हुए मां दंतेश्वरी के दरबार पहुंचे किन्नर, सबसे पहले चढ़ाई चुनरी

नवरात्र में वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा का अनूठा नजारा, बस्तर की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 11 अक्टूबर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और अटूट आस्था का अनूठा नजारा शारदीय नवरात्र के दौरान जगदलपुर में देखने को मिलता है। आधी रात 12 बजे किन्नर समुदाय के सदस्य पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचते हैं। डीजे की धुन पर झूमते और नाचते हुए मंदिर पहुंचने वाले समुदाय के सदस्यों की यह परंपरा नवरात्र के उत्सव को खास बना देती है।
इस विशेष अवसर पर किन्नर समुदाय द्वारा मां दंतेश्वरी को चुनरी अर्पित कर आशीर्वाद मांगा जाता है। मान्यता और परंपरा के अनुसार, समुदाय के सदस्य मां के दरबार में सबसे पहले चुनरी चढ़ाकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है और मां के जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आते हैं।
किन्नर समुदाय की यह विशेष धार्मिक परंपरा केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समूचे बस्तर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना भी जुड़ी हुई है। मां दंतेश्वरी के चरणों में शीश नवाकर समुदाय के सदस्य बस्तरवासियों के मंगलमय जीवन और क्षेत्र की निरंतर उन्नति की प्रार्थना करते हैं।
नवरात्र के दौरान मां दंतेश्वरी मंदिर में उमडऩे वाली श्रद्धा की यह धारा बस्तर की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। किन्नर समुदाय की अनूठी भक्ति, पारंपरिक उत्साह और मां के प्रति समर्पण यह संदेश देता है कि आस्था के दरबार में श्रद्धा ही सबसे बड़ा आधार है।



