पाकिस्तान के गृह मंत्री ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में इमरजेंसी लगाने की बताई ये वजह

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना कोई राजनीतिक फ़ैसला नहीं, बल्कि एक कठिन संवैधानिक क़दम था.
दरअसल, पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में 11 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इमरजेंसी और गवर्नर शासन की घोषणा कर दी थी.
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) पार्टी की प्रांतीय सरकार को भी निलंबित कर दिया गया है.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा, सरकार ने संसदीय संपर्कों, प्रत्यक्ष बातचीत और पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयासों सहित सभी माध्यमों से सहयोग स्थापित करने की कोशिश की. हालांकि, इन प्रयासों का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला.
उन्होंने कहा, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा उन प्रांतों में शामिल है, जो आतंकवाद का भारी बोझ झेल रहे हैं. यहां शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा बलों और आम नागरिकों ने बड़ी क़ुर्बानियां दी हैं. ऐसे हालात में टकराव के बजाय सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी.
मोहसिन नक़वी ने कहा कि प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करना न तो कोई राजनीतिक फ़ैसला था और न ही आसान क़दम. उन्होंने इसे ज़मीनी परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया एक कठिन संवैधानिक क़दम बताया.
गृह मंत्री के मुताबिक़, जब सहयोग के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं, तो संविधान और पाकिस्तान के व्यापक हितों को प्राथमिकता देना ज़रूरी हो जाता है.
मोहसिन नक़वी ने अपने बयान में पाकिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए दुआ की.
दूसरी ओर, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ़ अलवी ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लागू करने और प्रांतीय सरकार को निलंबित किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस क़दम को लोकतंत्र के ताबूत में आख़िरी कील क़रार दिया. (bbc.com/hindi)

