सड़कों की बदहाली, हाईकोर्ट ने सरकार और निगम की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 15 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में सड़कों की बदहाली को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बिलासपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि सड़कों का निर्माण और मरम्मत संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है, अदालत की नहीं। विभागों का अदालत के आदेश के बाद ही सक्रिय होना उचित नहीं है।
सड़कों की खराब हालत को लेकर दायर दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मामला वर्ष 2021 से लंबित है, लेकिन खासकर बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। अदालत ने रायपुर जाने वाले एयरपोर्ट मार्ग पर धनेली से पुराने विधानसभा भवन तक सड़क की हालत का भी संज्ञान लिया और 8 अप्रैल 2025 के आदेश पर हुई कार्रवाई की जानकारी मुख्य सचिव से मांगी। अदालत ने कहा कि सड़कें सुधारने के लिए विभागों को खुद पहल करनी चाहिए। हर बार न्यायिक आदेश का इंतजार करना प्रशासनिक जिम्मेदारी से बचने जैसा है।
पिछली सुनवाई में नगर निगम की ओर से कोई वकील उपस्थित नहीं हुआ था। इस पर हाईकोर्ट ने निगम आयुक्त को अगली सुनवाई में खुद या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन नहीं होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
इस बार अदालत ने निगम आयुक्त से सड़क मरम्मत के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए शपथ पत्र पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई दिवाली के बाद नवंबर में होगी।
एनएचएआई की ओर से पेश शपथपत्र ने भी अदालत को हैरान किया। इसमें बताया गया कि मोपका-सेंदरी बाईपास अब तक एनएचएआई को हस्तांतरित नहीं हुआ है। सड़क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अभी भी राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पास है।
इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसा लगता है कि राज्य सरकार की परियोजना को पूरा करने या उसे एनएचएआई को सौंपने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अदालत ने राज्य सरकार को पीडब्ल्यूडी सचिव का शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही एनएचएआई के रायपुर और बिलासपुर स्थित परियोजना अधिकारियों से बिलासपुर-रायपुर परियोजना पूरी होने की समय-सीमा स्पष्ट करने को कहा है।
एमिकस क्यूरी, वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने बिलासपुर की बदहाल सड़कों पर चिंता जताते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान इन सड़कों पर दुर्घटनाओं और लोगों के घायल होने का खतरा बढ़ सकता है।

