चिकित्सकों की लंबित मांगों को लेकर सांसद अग्रवाल को सीजीडीएफ ने सौंपा ज्ञापन

मानदेय वृद्धि, NOC प्रक्रिया सरल करने और बॉन्ड सेवा अवधि कम करने की मांग
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 23 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी, डॉ. गंधर्व पांडे, डॉ. योगेश्वर स्वर्णकार एवं डॉ. प्रवीण प्रधान उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सकों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया। साथ ही, छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन की नई कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से फेडरेशन ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
1.उच्च शिक्षा के लिए NOC प्रक्रिया सरल करना
चिकित्सकों को NOC जारी करने के लिए संपत्ति गिरवी रखने की बाध्यकारी शर्त समाप्त की जाए तथा शपथ-पत्र (Affidavit) के आधार पर NOC प्रदान किया जाए।
1. MBBS बॉन्डेड चिकित्सकों के मानदेय में वृद्धि: सामान्य क्षेत्र में मानदेय ₹70,000 प्रतिमाह किए जाने के अनुमोदन के अनुरूप शीघ्र आदेश जारी कर चिकित्सकों को इसका लाभ दिया जाए।
2. अनुबंधित PG चिकित्सकों की वेतन विसंगति दूर करना
MD/MS चिकित्सकों के मानदेय से संबंधित विसंगतियों का निराकरण कर सहमत मानदेय प्रदान किया जाए।
4.संविदा जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाना: मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत संविदा जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों का मानदेय, जो लगभग 10 वर्षों से ₹50,000 प्रतिमाह निर्धारित है, बढ़ाकर न्यूनतम ₹70,000 प्रतिमाह किया जाए।
5.अनुबंधित सेवा अवधि में कमी
स्नातक एवं स्नातकोत्तर के बाद निर्धारित अनुबंधित सेवा अवधि में एक-एक वर्ष की कमी की जाए, ताकि चिकित्सकों को उच्च शिक्षा एवं विशेषज्ञता प्राप्त करने में सुविधा हो।
6.बॉन्ड नीति में सुधार: अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में व्यावहारिक, पारदर्शी एवं चिकित्सकों को प्रोत्साहित करने वाली बॉन्ड नीति लागू की जाए।

