सात साल के संघर्ष के बाद भी अधूरी है बिलासपुर की हवाई उड़ान, 26 अक्टूबर को बड़ा आयोजन करेगी समिति

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 17 अक्टूबर। बिलासपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति 26 अक्टूबर को अपने सात साल पूरे करेगी। इस मौके पर समिति बड़े आयोजन की तैयारी कर रही है। सात साल के संघर्ष के बाद बिलासपुर को नाइट लैंडिंग सुविधा वाला 3C श्रेणी का एयरपोर्ट मिला है और दिल्ली व कोलकाता जैसे महानगरों के लिए सीधी उड़ानें भी शुरू हुई हैं। लेकिन उड़ानों की सीमित संख्या और एयरपोर्ट के विस्तार की मांग अब भी अधूरी है।
समिति के मुताबिक, बिलासपुर से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी हवाई सेवा उपलब्ध है, लेकिन इन शहरों के लिए सप्ताह के सातों दिन उड़ानें नहीं हैं। एयरपोर्ट की रनवे क्षमता बढ़ाने और देश के सभी प्रमुख महानगरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी देने की मांग भी अब तक पूरी नहीं हुई है।
समिति ने सातवीं वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए अपने सहयोगी संगठनों और सदस्यों से सुझाव मांगे हैं।
समिति के सात साल के आंदोलन के दौरान कुछ सुविधाएं जरूर बढ़ी हैं, लेकिन बिलासपुर को पूर्ण हवाई कनेक्टिविटी दिलाने का लक्ष्य अभी बाकी है।
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना शनिवार को भी जारी रहा। आंदोलन में रवि बनर्जी, बद्री यादव, विभूतिभूषण गौतम, ऋषि राज सिंह गौतम, अनिल गुलहरे, राघवेंद्र सिंह ठाकुर, मोहन जायसवाल, प्रतीक तिवारी, प्रकाश बहरानी, डॉ. प्रदीप राही, मजहर खान, केशव गोरख, अखिल अली, मोहसिन अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल हुए।
समारोह में हॉकी छत्तीसगढ़ के सचिव, हॉकी बिलासपुर के अध्यक्ष, कोल इंडिया वेलफेयर बोर्ड के सदस्य, एसईसीएल की संचालन समिति, वेलफेयर बोर्ड, संयुक्त सलाहकार समितियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

