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स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन की भारत यात्रा, TEPA की पहली वर्षगांठ पर व्यापार और निवेश पर जोर

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026। स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। यात्रा 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी। यह उनकी पहली राजकीय भारत यात्रा है। इस साल फरवरी में वे नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल हो चुके हैं।

यात्रा भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर हो रही है। समझौता 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षरित हुआ था और 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी है। ईएफटीए में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। स्विस संघीय अधिकारियों के अनुसार, परमेलिन अन्य ईएफटीए देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ TEPA शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। उनके साथ कारोबारी और शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल भी है।

सोमवार को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। उन्होंने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके सम्मान में भोज देंगी। जयशंकर ने कहा कि यात्रा TEPA की संभावनाओं पर साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर है। परमेलिन ने कहा कि भारत प्रवास TEPA के लागू होने की पहली वर्षगांठ मनाने का मौका देता है और यह साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।

वार्ता का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और कार्यबल गतिशीलता पर है। दोनों पक्षों ने गतिशीलता से जुड़े समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। TEPA के तहत ईएफटीए देशों ने 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश जुटाने और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निवेश और रोजगार लक्ष्य का उल्लेख किया। स्विट्जरलैंड ईएफटीए देशों में भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, TEPA लागू होने के बाद सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच स्विट्जरलैंड से भारत में निवेश में करीब 202 मिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज हुई।

6 अक्टूबर को परमेलिन नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दौरा करेंगे, जिसका संचालन ज्यूरिख एयरपोर्ट की सहायक कंपनी कर रही है। वे कारोबारी प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे और वैज्ञानिक सहयोग पर एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। 7 अक्टूबर को वे दूसरी भारत-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट में हिस्सा लेंगे, जहां समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा और आगे की राह पर चर्चा होगी।

स्विस सरकार के बयान के अनुसार, TEPA स्विस कंपनियों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच और कानूनी निश्चितता देता है। पिछले एक साल में दोनों पक्षों ने नियामकीय सहयोग, गैर-शुल्क बाधाओं और कारोबारी संबंधों पर बातचीत की है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जून 2026 में स्विट्जरलैंड जा चुके हैं, जहां फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी, नवाचार और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई थी।

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