अमरोहा में सपा का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका; पुलिस से नोकझोंक

अमरोहा में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संविधान बचाओ यात्रा निकाली। पैदल मार्च शहर के प्रमुख बाजारों से होता हुआ गांधी मूर्ति चौराहे पर पहुंचा, जहां उनके पुतले का दहन किया गया। यात्रा का नेतृत्व सदर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी महबूब अली ने किया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार नौगांवा सादात विधायक समरपाल सिंह भी प्रदर्शन में शामिल रहे।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे। गांधी मूर्ति चौराहे पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। रिपोर्टों में सीओ सिटी प्रदीप कुमार के मौके पर मौजूद होने का भी जिक्र है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और पुतला दहन रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता पुतला फूंकने में सफल रहे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक
पुतला दहन के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक और बहस हुई। पूर्व एमएलसी परवेज अली और पुलिस अधिकारियों के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली। कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा। प्रदर्शनकारी निर्वाचन आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। उपलब्ध रिपोर्टों में गिरफ्तारी या किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।
एसआईआर और वोट काटने के आरोप
हाजी महबूब अली ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के नाम पर लोगों के वोट काटे जा रहे हैं और इससे एक विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा तथा चेतावनी दी कि यदि वोट काटने की प्रक्रिया नहीं रुकी तो सपा आंदोलन करेगी। उन्होंने दावा किया कि यह प्रदर्शन अखिलेश यादव के निर्देश पर किया गया।
विधायक ने कहा कि उन्होंने कई धरने और प्रदर्शन किए हैं, लेकिन गांधी जी की प्रतिमा के सामने इस तरह का विरोध उनके लिए अलग अनुभव रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में अलग-अलग समाज और धर्मों के लोग शामिल हुए तथा पीडीए के जरिए विभिन्न वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी जा रही है। ये आरोप और दावे सपा नेताओं के बयान पर आधारित हैं। निर्वाचन आयोग या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इन रिपोर्टों में शामिल नहीं है।
यह प्रदर्शन सपा के लोकतंत्र बचाओ सप्ताह का हिस्सा बताया जा रहा है। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों और देश के कई शहरों में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च और विरोध कार्यक्रम हुए। अमरोहा का यह प्रदर्शन स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।



