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सीएम सैनी ने विभागों से नवाचार और बेस्ट प्रैक्टिस अपनाने पर दिया जोर, 23 मॉडल संस्कृति कॉलेज बनेंगे

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न विभागों में कार्य पद्धतियों और नवाचारों को अपनाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा तथा बेहतर परिणाम मिल सकेंगे।

इस पहल के तहत सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेस और उपलब्धियों पर प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों का मुख्य केंद्र संस्थागत उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार, डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग, नागरिक भागीदारी तथा प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन रहा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार इन प्रस्तुतियों में सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा हुई।

हर जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज

उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह ने बताया कि विभाग सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता के संस्थानों में बदलने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में एक कॉलेज को ‘मॉडल संस्कृति कॉलेज’ के रूप में विकसित कर रहा है। इस पहल के तहत राज्य भर में 23 सरकारी कॉलेजों की पहचान की गई है। लक्ष्य वर्ष 2029 तक इन्हें संस्थागत उत्कृष्टता के स्तर पर पहुंचाना है।

ये कॉलेज छात्र-केंद्रित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम, डिजिटल और मिश्रित लर्निंग, उद्योगों के साथ सहयोग, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, विशेषज्ञ व्याख्यान, वर्चुअल लैब, ई-संसाधन, इन्क्यूबेशन सेंटर तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को बढ़ावा देंगे।

हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड

राज्य में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड की स्थापना की गई है। विभाग के अनुसार हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने इस प्रकार का फंड स्थापित किया है। नीति आयोग ने भी इसकी सराहना की है। इस फंड के तहत अनुसंधान गतिविधियों में लगे संस्थानों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।

वर्ष 2025-26 के लिए इस फंड हेतु 20 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पिछले वर्ष सहायता चाहने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों से 350 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 90 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्रों में कृषि और ग्रामीण विकास, औद्योगिक नवाचार और उद्यमिता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, एडटेक, आयुष, योग, जलवायु और जल संरक्षण, कौशल और रोजगार तथा समावेशन शामिल हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान उत्कृष्टता के लिए एक अलग फंड भी उपलब्ध कराया गया है।

छात्रों को पेटेंट प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रति पेटेंट 50,000 रुपये तक की पंजीकरण फीस की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी किया गया है।

नए शिक्षकों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम

सरकारी कॉलेजों में नए नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के लिए टीचर्स इंडक्शन प्रोग्राम शुरू किया गया है। लगभग 2,000 नए सहायक प्राध्यापकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण मॉडल तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में व्यावसायिक नैतिकता, मेंटरिंग, समग्र छात्र विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपराएं, गवर्नेंस, उद्योग लिंकेज, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में कम से कम चार शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं तथा प्रत्येक शिक्षक को नियुक्ति के बाद और शिक्षण कार्य शुरू करने से पहले प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए।

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