नारायणपुर में जिला स्तरीय रंगोली प्रतियोगिता: सुनीता नुरेटी की टीम प्रथम, ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ थीम पर दिखी रचनात्मकता

नारायणपुर, 28 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में सोमवार को जिला स्तरीय महाविद्यालयीन रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। “सेवा के रंग-राष्ट्र के संग” थीम पर आधारित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय परंपराओं, प्राकृतिक-सांस्कृतिक विरासत और शासकीय योजनाओं को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता का समापन मेजबान महाविद्यालय की बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुनीता नुरेटी एवं उनकी साथी की टीम के प्रथम स्थान के साथ हुआ। द्वितीय और तृतीय स्थान संयुक्त रूप से घोषित किए गए। मूल्यांकन रचनात्मकता, विषयवस्तु, प्रस्तुति, कलात्मकता और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग जैसे मानदंडों पर किया गया।
अभियान का संदर्भ और आयोजन
सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेवा, समर्पण और जनकल्याण के संदेश को युवाओं और आम लोगों तक पहुंचाना है। नारायणपुर जिले में उच्च शिक्षा विभाग की नोडल भूमिका के तहत रंगोली, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसी गतिविधियां शामिल हैं। जिला स्तरीय यह रंगोली प्रतियोगिता उसी श्रृंखला का हिस्सा रही।
कार्यक्रम जनभागीदारी अध्यक्ष नरेंद्र मेश्राम तथा महाविद्यालय के प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. एस.आर. कुंजाम के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। संचालन कार्यक्रम सहायक समन्वयक आर.के. यादव ने किया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रतिभागियों की कलाकृतियों की सराहना की। महाविद्यालय के प्राध्यापकों, अतिथि व्याख्याताओं, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सहयोग से आयोजन पूरा हुआ।
रंगोली में क्या उकेरा गया
विद्यार्थियों ने स्थानीय और प्राकृतिक सामग्रियों का विशेष प्रयोग किया। रंगोलियों में भारतीय संस्कृति एवं परंपराएं, राष्ट्रीय एकता, प्राकृतिक व सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और शासकीय योजनाएं प्रमुख रहीं। जिला प्रशासन के आधिकारिक विवरण के अनुसार कुछ प्रस्तुतियों में विकसित भारत 2047, डिजिटल इंडिया, संस्कृति-परंपरा और प्रकृति से जुड़े संदेश भी शामिल थे। प्राकृतिक रंगों और सामग्री के उपयोग ने कलाकृतियों को अलग पहचान दी और “विविधता में एकता” का भाव स्पष्ट किया।
प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, स्थानीय परंपराओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि बढ़ाना था। निर्णायकों ने इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर विजेताओं का चयन किया।
परिणाम
- प्रथम स्थान: सुनीता नुरेटी एवं उनकी साथी, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर, शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर।
- द्वितीय स्थान (संयुक्त): कपूरचंद एवं उनकी टीम, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद महाविद्यालय, नारायणपुर; तथा प्रमोद कुमार नाग एवं उनकी टीम, शासकीय नवीन महाविद्यालय, छोटेडोंगर।
- तृतीय स्थान (संयुक्त): भूमिका सोरी एवं उनकी टीम, शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर; तथा वीना मातलाम एवं उनकी टीम, वीरांगना रामोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय।
समापन और संदेश
कार्यक्रम का समापन भारतीय संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्र की “विविधता में एकता” की भावना को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को सेवा भाव और रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देती हैं तथा स्थानीय विरासत को राष्ट्रीय संदेश से जोड़ती हैं।
नारायणपुर जैसे वनांचल जिले में महाविद्यालयीन स्तर पर यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान की उन गतिविधियों में शामिल है, जो युवाओं को सीधे सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों से जोड़ रही हैं। जिले में अभियान के तहत अन्य रचनात्मक और जागरूकता कार्यक्रम भी जारी हैं।



