हरियाणा एनसीआर में पुराने ट्रक-बस बदलने पर 10 साल तक 100% मोटर वाहन कर छूट

हरियाणा सरकार ने एनसीआर जिलों में पंजीकृत बीएस-4 या उससे पुराने व्यावसायिक ट्रक और बसों को बदलने के लिए प्रोत्साहन योजना अधिसूचित की है। यह योजना निजी कारों के लिए नहीं है। इसका उद्देश्य एनसीआर में प्रदूषण कम करना और पुराने व्यावसायिक बेड़े का आधुनिकीकरण करना है।
राज्य कैबिनेट ने 22 जून 2026 को प्रस्ताव मंजूर किया था। परिवहन विभाग ने 24 जून 2026 को अधिसूचना जारी की। यह केंद्र की दिल्ली-एनसीआर वाहन प्रतिस्थापन योजना के अनुरूप है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरियाणा एनसीआर में करीब 93,000 ट्रक और 16,000 बसें इस दायरे में आती हैं।
किसे मिलेगा लाभ
लाभ उन्हीं मालिकों को मिलेगा जिनका ट्रक या बस हरियाणा के एनसीआर जिलों में पंजीकृत हो और वाहन बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानक का हो। नया या प्रयुक्त प्रतिस्थापन वाहन भी इन्हीं एनसीआर जिलों में खरीदकर पंजीकृत कराना होगा। प्रतिस्थापन वाहन बीएस-6 या उससे कड़े मानक का, सीएनजी चालित या इलेक्ट्रिक होना चाहिए।
पुराने वाहन का निपटान कैसे होगा
बीएस-3 और उससे पुराने ट्रक-बस को हरियाणा में स्थित पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) पर ही स्क्रैप कराना अनिवार्य है। बीएस-4 वाहन को आरवीएसएफ पर स्क्रैप कराया जा सकता है या एनसीआर के बाहर ऐसे क्षेत्र में बेचा जा सकता है जो एनसीएपी के अंतर्गत नहीं आता।
क्या-क्या छूट मिल सकती है
- नए बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक ट्रक-बस पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट, पहली पंजीकरण तिथि से 10 वर्ष तक।
- पात्र प्रयुक्त बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट, 10 वर्ष तक।
- योजना के तहत नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में छूट।
- योजना में शामिल पुराने बीएस-4 या उससे पुराने वाहन पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मोटर वाहन कर देनदारी माफ।
केंद्र की संबंधित योजना के अंतर्गत भाग लेने वाले निर्माताओं से वाहन कीमत पर करीब 8 प्रतिशत तक छूट और पात्र ऋण पर पांच वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान जैसे लाभ भी जुड़ सकते हैं। बीएस-6 डीजल या सीएनजी वाहनों पर ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों पर एकमुश्त प्रोत्साहन की व्यवस्था भी केंद्र योजना में बताई गई है। ये लाभ निर्धारित शर्तों और पोर्टल पंजीकरण पर निर्भर करते हैं।
महत्वपूर्ण बात
यह योजना सभी पुराने वाहनों पर लागू नहीं है। निजी वाहन और एनसीआर के बाहर पंजीकृत वाहन इसके दायरे में नहीं आते। लाभ तभी मिलेगा जब पुराने पात्र वाहन का निर्धारित तरीके से निपटान हो और नया या प्रयुक्त प्रतिस्थापन वाहन हरियाणा के एनसीआर जिले में पंजीकृत हो। पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि परिवहन विभाग या आधिकारिक पोर्टल से करनी चाहिए।



