छत्तीसगढ़

रायपुर की गैर-आवासीय खेल अकादमियों के चयन ट्रायल के पहले दिन 144 खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन, आज कौशल परीक्षा

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में नवीन प्रवेश तथा प्रवेश नवीनीकरण के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल का पहला दिन 30 सितंबर को संपन्न हुआ। फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स की चारों अकादमियों के लिए कुल 144 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया। विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में दस्तावेज सत्यापन, चिकित्सीय परीक्षण और शारीरिक दक्षता का विस्तृत आंकलन किया गया। आज 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण होगा, जिसके बाद चयन समिति उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन करेगी।

यह ट्रायल उन युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है जो नियमित स्कूल शिक्षा के साथ उच्चस्तरीय खेल प्रशिक्षण चाहते हैं। गैर-आवासीय स्वरूप के कारण खिलाड़ी अपने घर से आकर प्रशिक्षण ले सकते हैं, जिससे परिवार और पढ़ाई दोनों का संतुलन बना रहता है।

पहले दिन क्या हुआ

30 सितंबर को सुबह से प्रक्रिया शुरू हुई। पंजीयन मुख्य रूप से कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच हुआ। चारों अकादमियों—बालक-बालिका तीरंदाजी, बालिका फुटबॉल, बालक-बालिका हॉकी और बालक-बालिका एथलेटिक्स—के लिए कुल 144 खिलाड़ियों ने अपना नाम दर्ज कराया। पंजीयन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र तथा जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि अंकित प्रमाणित अंकसूची का दस्तावेज परीक्षण पूरा किया गया। इसके बाद चिकित्सीय जांच हुई ताकि केवल शारीरिक रूप से योग्य खिलाड़ी आगे की प्रक्रिया में शामिल हों।

शारीरिक दक्षता परीक्षण में कई मानक मापदंडों पर खिलाड़ियों का मूल्यांकन किया गया। इनमें ऊंचाई (हाइट), वजन (वेट), वर्टिकल जंप, 30 मीटर दौड़, शटल रन, बॉल थ्रो, 800 मीटर दौड़ और सिट-अप शामिल रहे। ये परीक्षण खिलाड़ी की गति, शक्ति, फुर्ती, सहनशक्ति और समग्र एथलेटिक क्षमता को मापने के लिए डिजाइन किए गए हैं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने हर गतिविधि को करीब से देखा और अंकों का रिकॉर्ड रखा।

आज कौशल परीक्षा और अंतिम चयन

ट्रायल का दूसरा और निर्णायक दिन आज 1 अक्टूबर को है। पंजीकृत 144 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण संबंधित खेल के अनुसार अलग-अलग स्थलों पर होगा। तीरंदाजी के लिए तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने), फुटबॉल और कुछ अन्य गतिविधियां स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में, तथा हॉकी के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-02 पर सुबह 7 बजे से प्रक्रिया चल रही है। कौशल परीक्षण में तकनीक, गेम सेंस, सटीकता, टीम वर्क और खेल-विशिष्ट क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी।

दोनों दिनों के प्रदर्शन को मिलाकर चयन समिति अंतिम सूची तैयार करेगी। केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा। समिति में विभागीय अधिकारी और संबंधित खेलों के विशेषज्ञ कोच शामिल हैं, ताकि चयन पारदर्शी और योग्यता आधारित रहे।

कौन ले सकता है हिस्सा और जरूरी दस्तावेज

चयन ट्रायल 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए खुला रहा। छत्तीसगढ़ के बालक-बालिकाओं के साथ अन्य राज्यों के खिलाड़ी भी भाग ले सकते थे। अनिवार्य दस्तावेजों में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और जन्म तिथि सिद्ध करने वाला प्रमाण पत्र या प्रमाणित अंकसूची शामिल थे। इनके बिना पंजीयन स्वीकार नहीं किया गया।

  • बालक-बालिका तीरंदाजी
  • बालिका फुटबॉल
  • बालक-बालिका हॉकी
  • बालक-बालिका एथलेटिक्स

स्थानों का विभाजन इस प्रकार रहा: स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा, तीरंदाजी एरिना और हॉकी स्टेडियम पिच-02। सभी स्थलों पर सुबह 7 बजे से गतिविधि शुरू हुई।

चयनित खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं

खेल अकादमी संचालन नियम, 2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को शासन की ओर से कई सुविधाएं निःशुल्क दी जाएंगी। इनमें उच्चस्तरीय खेल प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा तथा खेल छात्रवृत्ति शामिल हैं। ये सुविधाएं खिलाड़ियों पर आर्थिक बोझ कम करती हैं और उन्हें प्रतिस्पर्धी स्तर तक पहुंचने में मदद करती हैं। गैर-आवासीय मॉडल विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो आवासीय अकादमी का खर्च या दूरी वहन नहीं कर सकते।

विभाग का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा को पहचानना और उसे व्यवस्थित प्रशिक्षण देना है, ताकि राज्य स्तर, राष्ट्रीय स्तर और आगे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व मजबूत हो। तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स में राज्य की पहले से मौजूद परंपरा को इन अकादमियों के माध्यम से और विस्तार मिलने की उम्मीद है, जबकि बालिका फुटबॉल पर विशेष ध्यान युवा खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कदम है।

प्रक्रिया का महत्व

शारीरिक परीक्षण और कौशल परीक्षण का दो चरणों में होना सुनिश्चित करता है कि चयन केवल एक दिन के प्रदर्शन पर न निर्भर रहे। ऊंचाई-वजन से लेकर 800 मीटर दौड़ और सिट-अप तक के आंकड़े खिलाड़ी की आधारभूत फिटनेस बताते हैं, जबकि दूसरे दिन का कौशल परीक्षण तकनीकी दक्षता उजागर करता है। 144 पंजीयन इस बात का संकेत हैं कि रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में इन चार खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बनी हुई है।

चयन सूची जारी होने के बाद प्रशिक्षण सत्र नियमित रूप से शुरू होंगे। खिलाड़ी और अभिभावक विभागीय अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं। यह ट्रायल राज्य की खेल नीति का व्यावहारिक रूप है, जिसमें प्रतिभा की पहचान, निःशुल्क संसाधन और दीर्घकालिक विकास को एक साथ जोड़ा गया है।

आज कौशल परीक्षा के नतीजे और अंतिम चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अकादमियों की नई बैच की रूपरेखा स्पष्ट हो जाएगी। विभाग के अधिकारी और कोच दोनों दिनों की गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं ताकि हर योग्य खिलाड़ी को उचित अवसर मिले।

अजय यादव

एक सीधे-सादे स्वभाव के व्यक्ति हैं। बचपन से ही अपने आसपास की बातों को याद रखने की आदत रही। परिवार में बड़ों का आदर और मेहनत की सीख मिली। वे सड़कों पर घूमना, बस-स्टैंड और बाजार की हलचल देखना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि असली तस्वीर वही है जो आम दिन में दिखती है, किसी मंच पर नहीं।

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