ओटीएस-2 योजना में 62.5 फीसदी संपत्तियां बिकीं, 997 अब भी बाकी

साढ़े 16 सौ अधिक संपत्तियों की बिक्री
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 (ओटीएस-2) के तहत अब तक 251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां बिक चुकी हैं। योजना में शामिल कुल 2,656 संपत्तियों में से 62.5 प्रतिशत का विक्रय हो चुका है, जबकि 997 संपत्तियां अब भी बिक्री के लिए शेष हैं। इनकी कुल कीमत 134.40 करोड़ रुपये है। योजना के तहत पात्र संपत्तियों पर मार्च 2027 तक 10 से 30 प्रतिशत तक छूट मिलेगी।
मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने 23 अक्टूबर को योजना की समीक्षा करते हुए शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय परिसरों में लिफ्ट, भवनों की मरम्मत, नियमित रखरखाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कमियों को दूर करने को कहा है। संभावित खरीदारों को संपत्तियों की जानकारी देने और उनका प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के लिए रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में आवास रथ भी शुरू किए जाएंगे।
पहले की योजना में 17.27 फीसदी ही बिकी थीं संपत्तियां
सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक संचालित पूर्ववर्ती ओटीएस योजना में 511 करोड़ रुपये मूल्य की 2,591 संपत्तियां बिक्री के लिए शामिल की गई थीं। इनमें से 88.28 करोड़ रुपये मूल्य की 506 संपत्तियां ही बिक सकीं। उस योजना में विक्रय का प्रतिशत 17.27 रहा था, जबकि वर्तमान ओटीएस-2 में अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियां बिक चुकी हैं।
ओटीएस-2 योजना एक मार्च 2025 को शुरू हुई थी। इसके तहत पांच वर्ष से अधिक समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को निर्धारित छूट के साथ बेचने का प्रावधान है। संपत्तियों के रिक्त रहने की अवधि और संबंधित परियोजना में खाली इकाइयों के अनुपात के आधार पर 10, 20 और 30 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में उपलब्ध संपत्तियों की जानकारी संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।

