रबी सीजन से पहले ऊर्जा मंत्री तोमर की समीक्षा: कोयला स्टॉक पर्याप्त, क्षमता अनुसार उत्पादन के निर्देश
भोपाल, 30 सितंबर 2026 — मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार को प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और आगामी रबी सीजन में किसानों को बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अभी से ठोस व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में किसी भी प्लांट में निर्धारित क्षमता से कम उत्पादन नहीं हो रहा है और कोयले की आपूर्ति बिना रुकावट जारी है।
तोमर ने अधिकारियों से कहा कि रबी सीजन के दौरान बिजली मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “रबी सीजन के लिये किसानों को बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। अभी से पुख्ता इंतजाम करें, जिससे बिजली माँग की आपूर्ति में कोई अड़चन नहीं आये।”
कोयला स्टॉक और आपूर्ति पर आश्वासन
बैठक में मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कोयले की आपूर्ति भी सतत रूप से जारी है। यह बयान ऐसे समय में आया जब सितंबर के अंतिम दिनों में कुछ रिपोर्टों में ताप विद्युत संयंत्रों के कोयला भंडार को लेकर चिंता जताई गई थी। विभाग की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार, मौजूदा स्टॉक और आवक दोनों स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त हैं।
तोमर ने उत्पादन पक्ष पर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन संयंत्रों की क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और वरिष्ठ अधिकारी इसकी सतत समीक्षा करें। साथ ही प्लांट स्तर पर कोल स्टॉक, प्राप्ति, खपत और क्वालिटी की साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को अनिवार्य बनाया गया। एनटीपीसी से संबंधित विद्युत गृहों से अनुबंधित क्षमता के अनुसार विद्युत उपलब्धता के निरीक्षण की जिम्मेदारी भी तय करने के निर्देश दिए गए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े प्लांट अधिकारी
समीक्षा बैठक में विभिन्न ताप विद्युत प्लांटों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में किसी भी प्लांट में कम उत्पादन की स्थिति नहीं है। यह आंकड़ा रबी सीजन की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कृषि सिंचाई की मांग बढ़ने पर राज्य की कुल विद्युत मांग में उल्लेखनीय उछाल आता है।
उसी दिन मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की अलग समीक्षा में रबी सीजन के दौरान लगभग 21,300 मेगावाट की विद्युत मांग का अनुमान लगाया गया था और ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थिरता व निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। उत्पादन और ट्रांसमिशन दोनों मोर्चों पर समानांतर तैयारी से विभाग रबी सीजन को बिना व्यवधान के निपटाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
किसानों और मांग प्रबंधन पर फोकस
ऊर्जा मंत्री का जोर मुख्य रूप से कृषि उपभोक्ताओं पर रहा। रबी सीजन में गेहूं और अन्य फसलों की सिंचाई के लिए दिन के निश्चित घंटों में विश्वसनीय आपूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रही है। पिछले वर्षों में भी इसी अवधि में उत्पादन संयंत्रों, कोयला लॉजिस्टिक्स और फीडर रखरखाव की पूर्व समीक्षा की जाती रही है। इस बार साप्ताहिक कोल रिपोर्ट और एनटीपीसी अनुबंधित क्षमता की निगरानी को अतिरिक्त नियंत्रण उपाय के रूप में जोड़ा गया है।
बैठक में लिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों पर है। विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कोयला आपूर्ति श्रृंखला और प्लांट उपलब्धता दोनों पर नजर रखी जाएगी ताकि मांग बढ़ने पर उत्पादन पक्ष से कोई कमी न रहे।



