छत्तीसगढ़

सोने की कीमतों में गिरावट से धनतेरस पर आभूषणों की मांग बढ़ने की उम्मीद

मुंबई, 4 नवंबर। सोने की कीमतों में हाल में आई बड़ी गिरावट से ग्राहकों का रुझान बढ़ने के कारण इस धनतेरस पर आभूषणों की बिक्री अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे हल्के आभूषणों और कम कीमत वाली छोटी खरीदारी की मांग बढ़ी है। हालांकि, मात्रा के लिहाज से बिक्री पिछले साल के लगभग बराबर रहने का अनुमान है।

आभूषण उद्योग के प्रतिनिधियों के मुताबिक, सोना-चांदी की खरीद के लिए शुभ माने जाने वाले पर्व धनतेरस पर आभूषणों की बिक्री का मूल्य 20-30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने पीटीआई-भाषा से कहा कि सोने की कीमतों में गिरावट से इस धनतेरस पर मांग बढ़ने की उम्मीद है। इस साल धनतेरस छह नवंबर को महीने की शुरुआत में ही पड़ रहा है। ऐसे में लोगों के हाथ में वेतन होने से खरीदारी को प्रोत्साहन मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि सोने की ऊंची कीमतों के कारण उपभोक्ता हल्के आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं। चांदी के आभूषणों और सिक्कों की मांग भी बढ़ रही है। हालांकि, महंगाई और महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति उपभोक्ताओं के रुझान को प्रभावित कर सकती है।

रोकड़े का अनुमान है कि धनतेरस पर मात्रा के लिहाज से बिक्री पिछले साल के स्तर पर ही बनी रह सकती है लेकिन ऊंची कीमतों के कारण बिक्री मूल्य में 20-30 प्रतिशत तेजी रह सकती है।

उन्होंने कहा कि सोने और चांदी की खरीद आम तौर पर बचत की रकम से की जाती है, इसलिए इस त्योहारी मौसम में महंगाई का असर अपेक्षाकृत सीमित रहने की उम्मीद है।

पिछले साल इसी अवधि में सोने की कीमत करीब 1.10 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस साल 29 मई को पीली धातु का भाव 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो गिरकर 31 अक्टूबर को 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।

हालांकि, बुधवार को इसकी कीमत पिछले सत्र के मुकाबले 4,800 रुपये बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। जानकारों के मुताबिक, धनतेरस से जुड़ी त्योहारी मांग आने और अंतरराष्ट्रीय संकेतों की वजह से सोने के भाव में फौरी तेजी देखी गई।

विश्व स्वर्ण परिषद के भारत क्षेत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सचिन जैन ने कहा कि सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट से आभूषणों की मांग को प्रोत्साहन मिला है।

जैन ने कहा, अगले तीन से छह महीने में जिन परिवारों में शादी होनी है, वे सोने की मौजूदा अनुकूल कीमतों को देखते हुए खरीदारी पहले कर सकते हैं। इससे महंगे और प्रीमियम आभूषणों के साथ-साथ निवेश के लिए सोने के सिक्कों और छड़ों की मांग भी मजबूत रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, आभूषणों की सभी श्रेणियों में अच्छी मांग रहने का अनुमान है।

जीजेसी के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट से देशभर में उपभोक्ताओं का रुझान बेहतर हुआ है। उद्योग को इस त्योहारी मौसम में मूल्य के लिहाज से मांग 15-20 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है, जबकि मात्रा के लिहाज से यह पिछले साल के बराबर रह सकती है।

उन्होंने कहा कि हल्के आभूषणों की मांग बढ़ने की उम्मीद है और शादी के आभूषणों में भी 18 कैरेट सोने का चलन बढ़ रहा है। चांदी के मामले में उद्योग को मात्रा के लिहाज से करीब 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है।

सेन्को गोल्ड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ सुवंकर सेन ने कहा कि कंपनी को इस त्योहारी मौसम में पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

वहीं, कामा ज्वेलरी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह के मुताबिक, सोने की ऊंची कीमतों के कारण उपभोक्ता हल्के और हीरे जड़े आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं।(भाषा)

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