साय सरकार में मंत्रियों के ओएसडी पर फिर गिरी गाज! शिक्षा मंत्री के ओएसडी रहे ब्रजेश बाजपेयी को हटाकर SCERT में भेजा, निजी स्टाफ में बार-बार फेरबदल पर उठे सवाल?

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार में मंत्रियों के निजी स्टाफ और ओएसडी की नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री की निजी स्थापना में पदस्थ रहे ब्रजेश कुमार बाजपेयी को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी 29 अक्टूबर 2026 के आदेश ने एक बार फिर मंत्रियों के कार्यालयों में लगातार हो रहे फेरबदल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।जारी शासकीय आदेश के अनुसार, राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में उप संचालक के पद पर पदस्थ ब्रजेश कुमार बाजपेयी को पूर्व में स्कूल शिक्षा मंत्री की निजी स्थापना में विभागीय कार्य संपादित करने के लिए आदेशित किया गया था। लेकिन अब स्कूल शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए उन्हें राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), शंकर नगर, रायपुर में उप संचालक के पद पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ कर दिया है। इस आदेश पर 29 अक्टूबर 2026 को उप सचिव मनीष मिश्रा के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।इस फेरबदल के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर मंत्रियों की निजी स्थापना में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर बार-बार बदलाव की नौबत क्यों आ रही है? क्या मंत्रियों के कार्यालयों में कार्यप्रणाली और समन्वय को लेकर कोई समस्या है या फिर यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है? हालांकि, शासन की ओर से इस बदलाव के पीछे कोई विशेष कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।गौरतलब है कि इससे पहले भी मंत्रियों की निजी स्थापना में पदस्थ अधिकारियों और ओएसडी को हटाए जाने अथवा उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में ब्रजेश कुमार बाजपेयी को स्कूल शिक्षा मंत्री की निजी स्थापना से हटाकर SCERT भेजे जाने का आदेश भी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से मंत्रियों की निजी स्थापना में आगे क्या बदलाव किए जाते हैं और इस तरह के लगातार फेरबदल के पीछे प्रशासनिक परिस्थितियां क्या हैं। फिलहाल, ब्रजेश कुमार बाजपेयी की नई पदस्थापना के आदेश ने एक बार फिर मंत्रियों के निजी स्टाफ की नियुक्तियों और उनमें होने वाले बदलावों को लेकर बहस छेड़ दी है।
