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झांसी: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में यूपी राइज का आयोजन, ऑन मिंट विजेता और इक्षू उपविजेता

झांसी, 5 अक्टूबर। संवाद, संकल्प और सफलता के मूलमंत्र के साथ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में सोमवार को यूपी राइज कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडेय ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। आयोजन में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के साथ आसपास के जिलों से आए विद्यार्थियों और नवाचारियों ने अपने स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए।

इस मौके पर युवाओं को योगी सरकार की उन योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनके माध्यम से वे अपने स्टार्टअप के लिए आर्थिक सहायता या व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम स्थल पर इन योजनाओं में पंजीकरण के लिए संबंधित विभागों के काउंटर लगाए गए थे।

आयोजन में 12 स्टार्टअप टीमों ने अपने आइडिया पेश किए। इनमें अभिषेक और निशांत के स्टार्टअप ऑन मिंट को विजेता घोषित किया गया, जबकि जुनैद रिजवान और सागर के स्टार्टअप इक्षू को उपविजेता पुरस्कार मिला। कार्यक्रम में स्टार्टअप फाउंडर, छात्र, विश्वविद्यालय के शिक्षक, मेंटर और विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नवाचारियों ने अपने आइडिया प्रस्तुत किए, जिन पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए और सरकारी योजनाओं के जरिए आर्थिक मदद लेने के तरीके बताए। मुख्य अतिथि कवि मुकुल शर्मा ने अपनी रचनाएं सुनाकर युवाओं का मनोरंजन किया।

मेंटोर और निर्णायक मंडल में कनेक्ट मारकॉम के डायरेक्टर अलाय रिजवी, स्टूफिट के सीईओ डॉ. सैयद शुजाअत हैदर जाफरी और इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल के प्रेसिडेंट डॉ. नूर आलम खान शामिल रहे। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एम. एम. सिंह, डॉ. संदीप और अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडेय ने कहा कि विकसित भारत 2047 की संकल्पना को पूरा करने में यूपी राइज जैसे आयोजन मददगार सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार रहना होगा और यह आयोजन अवसर, नवाचार तथा आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देगा।

प्रियंका वर्मा

शहर और कस्बे दोनों की दुनिया से परिचित हैं। वे परिवार के बीच रहकर बड़ी हुईं और छोटी उम्र से ही लोगों के चेहरे और बातचीत पर ध्यान देती रही हैं। उन्हें लिखना-पढ़ना, पुराने गीत सुनना और रिश्तेदारों से लंबी बातें करना पसंद है। उनकी नजर उन छोटी बातों पर जाती है जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

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