रेप वीडियो और सेक्सुअल डीपफेक रखना और शेयर करना होगा अपराध, जर्मनी पारित कर सकता है नया कानून

-सोनम मिश्रा
ऑनलाइन शोषण पर लगाम लगाने के लिए जर्मनी कानून को और सख्त करने की तैयारी कर रहा है. नए कानून के तहत रेप वीडियो रखना, बनाना और शेयर करना अपराध बनाया जा सकता है. इसके साथ ही बिना अनुमति बनाए गए सेक्सुअल डीपफेक और किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल करना भी अपराध के दायरे में आ सकता है.
पेश किए गए विधेयक पर बुधवार को कैबिनेट में चर्चा होनी है. प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से होने वाली यौन हिंसा, निजता के उल्लंघन और पहचान के दुरुपयोग को रोकना है. मौजूदा जर्मन कानून के तहत रेप के वीडियो को अपने पास रखना या बनाना हर परिस्थिति में अपराध नहीं माना जाता. वीडियो किस तरह बनाया गया, उसमें क्या दिखाया गया है और उसे किस व्यक्ति को भेजा गया, इस व्याख्या के आधार पर तय होता है कि अपराध हुआ है या नहीं.
प्रस्तावित कानून से सेक्सुअल डीपफेक के खिलाफ कार्रवाई आसान हो सकती है. ऐसा कंटेंट जिसमें कोई व्यक्ति नग्न या यौन गतिविधि में शामिल दिखाई दे, उसे अपराध के दायरे में लाया जा सकता है. साथ ही, किसी की व्यक्तिगत/ चोरी-छिपे तस्वीर लेना या वीडियो बनाना और उसे शेयर करना भी अपराध होगा.(dw.com/hi)
प्रस्तावित कानून में फेक प्रोफाइल और पहचान के दुरुपयोग को लेकर भी प्रावधान बनाया गया है. अगर कोई व्यक्ति किसी की नकली प्रोफाइल बनाकर उसकी छवि को नुकसान पहुंचाता है, तो यह भी अपराध के दायरे में आ सकता है. 7 अक्टूबर को इस विधेयक पर जर्मन कैबिनेट की चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी.
