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जिले में तहसीलदार-नायब तहसीलदारों के तबादले, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, देखें सूची।

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर बिलासपुर द्वारा तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं। 8 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार जिले में पदस्थ अधिकारियों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नवीन पदस्थापना दी गई है। आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।जारी आदेश के मुताबिक तहसीलदार प्रकाश चन्द्र साहू को बिलासपुर से मस्तूरी तहसीलदार, जबकि आकाश गुप्ता को अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर से तहसीलदार बिलासपुर पदस्थ किया गया है। प्रकृति ध्रुव को अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर से अतिरिक्त तहसीलदार सीपत बनाया गया है।इसी क्रम में राजेन्द्र भारत को तहसीलदार बिल्हा से तहसीलदार रतनपुर, लखेश्वर प्रसाद किरण को तहसीलदार मस्तूरी से तहसीलदार बोदरी, तथा राहुल शर्मा को तहसीलदार सकरी से तहसीलदार बिल्हा पदस्थ किया गया है। वहीं सोनू अग्रवाल, जो तहसीलदार रतनपुर के साथ अतिरिक्त प्रभार तहसीलदार सीपत संभाल रहे थे, उन्हें तहसीलदार सकरी की जिम्मेदारी दी गई है। संदीप साय को तहसीलदार बोदरी से तहसीलदार सीपत पदस्थ किया गया है।नायब तहसीलदारों में शुभम गुप्ता को मस्तूरी से पचपेड़ी, अनिरुद्ध तिवारी को रतनपुर से बिलासपुर, अप्रतीम पाण्डेय को कोटा से बिलासपुर, राहुल साहू को बेलगहना से रतनपुर, टोपलाल सिदार को सकरी से बेलगहना तथा अंकित राजपूत को रतनपुर से सकरी पदस्थ किया गया है।इसके अलावा पंकज सिंह को तहसीलदार बेलगहना से अतिरिक्त तहसीलदार रतनपुर तथा पदोन्नति के बाद भिमोर यादव को तहसीलदार बेलगहना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्वेता यादव को अतिरिक्त तहसीलदार सकरी तथा जयश्री राजन पथे को तहसीलदार के रूप में नवीन एवं प्रोटोकॉल शाखा में पदस्थ किया गया है।कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उक्त पदस्थापनाएं प्रशासनिक दृष्टि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावशील रहेंगी। आदेश की प्रतिलिपि राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा बिलासपुर संभाग के आयुक्त को भी सूचनार्थ भेजी गई है।

राजेश कुमार

उत्तर भारत के एक छोटे शहर में पले-बढ़े। बचपन से ही लोगों की बातें सुनना और आसपास की ज़िंदगी को ध्यान से देखना उनकी आदत रही है। परिवार में सादगी और मेहनत को हमेशा महत्व दिया गया। खाली समय में किताबें पढ़ना, पुरानी डायरियाँ पलटना और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठकर आम लोगों से बात करना उन्हें अच्छा लगता है। वे मानते हैं कि हर इंसान की अपनी एक कहानी होती है, बस उसे सुनने वाला कोई होना चाहिए।

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