कुसमुंडा खदान में फिर हादसा: मिट्टी डंपिंग के दौरान 100 टन का भारी डंपर पलटा, चालक घायल
कोरबा, 28 अक्टूबर। एसईसीएल के कुसमुंडा क्षेत्र में नियोजित केएनआर (KNR) कंपनी में भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बरपाली-खोडरी फेस में बुधवार तड़के मिट्टी डंपिंग के दौरान करीब 100 टन वजनी भारी डंपर अचानक असंतुलित होकर फिसल गया और नीचे जा गिरा। हादसे के दौरान चालक ने वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन उसे चोटें आईं। घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार सुबह करीब 4 बजे की है। उस समय डंपर खदान के बरपाली-खोडरी फेस में मिट्टी अनलोड कर रहा था। इसी दौरान वाहन अचानक स्लाइड होने लगा और देखते ही देखते नीचे पलट गया। वाहन के अनियंत्रित होकर गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि, इस दौरान वह घायल हो गया और उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
कुसमुंडा कोयला खदान में हुई इस घटना ने खदान के भीतर भारी वाहनों के संचालन और डंपिंग के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खदान में मिट्टी हटाने और कोयला उत्पादन से जुड़े कार्यों के दौरान भारी मशीनों और डंपरों का लगातार संचालन होता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
घटना के बाद यह सवाल उठने लगा है कि मिट्टी डंपिंग के लिए निर्धारित स्थान पर जमीन की स्थिति, ढलान और वाहन की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्या पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही, भारी वाहनों के संचालन के दौरान चालक की सुरक्षा और कार्यस्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा जरूरी है।
कोयला उत्पादन की निरंतरता के बीच श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कुसमुंडा खदान में डंपर पलटने की इस घटना की निष्पक्ष जांच कर हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। घटना के संबंध में कंपनी प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान और विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।


