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भारत को लेकर अमेरिका की नीति में बड़ा बदलाव, ब्रह्म चेलानी बोले- ‘चीन वाली गलती नहीं दोहराना चाहता वाशिंगटन’

नई दिल्ली: जाने-माने जियोपॉलिटिकल एनालिस्ट और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि भारत के प्रति अमेरिका की रणनीतिक नीति पूरी तरह से बदल चुकी है। अमेरिका अब भारत के साथ वह कूटनीतिक गलती कभी नहीं दोहराना चाहता, जो उसने दशकों पहले चीन के साथ की थी।

क्या है अमेरिका की नई रणनीति?

चेलानी का विश्लेषण अमेरिकी विदेश नीति में आए एक वैचारिक बदलाव (स्ट्रक्चरल शिफ्ट) की ओर इशारा करता है। अतीत में अमेरिका ने चीन को आर्थिक और तकनीकी रूप से मुक्त रूप से विकसित होने का मौका दिया था, लेकिन वही चीन आज अमेरिका के वैश्विक प्रभुत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। चेलानी के मुताबिक, वाशिंगटन अब इस बात को लेकर बेहद सतर्क है और वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में कोई अन्य देश उसी तर्ज पर उभरकर अमेरिकी हितों को चुनौती न दे।

भारत को लेकर सतर्क हुआ वाशिंगटन

कूटनीतिक नजरिए से देखा जाए तो, अमेरिका अब भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सहयोगी तो मानता है, लेकिन साथ ही उसकी बढ़ती वैश्विक ताकत और आत्मनिर्भरता को लेकर अतिरिक्त सावधानी भी बरत रहा है। अमेरिका की रणनीति का संदेश स्पष्ट है कि वह एक बहुध्रुवीय (मल्टीपोलर) विश्व में अपने वर्चस्व को बनाए रखना चाहता है। इसलिए, भारत के साथ रणनीतिक, रक्षा और व्यापारिक साझेदारियों में अमेरिका अब अपने दीर्घकालिक हितों को पहले से कहीं अधिक प्राथमिकता दे रहा है।

यह कूटनीतिक टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और वैश्विक सत्ता संतुलन को लेकर प्रमुख देशों के बीच लगातार नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं।

मनोज तिवारी

पारंपरिक परिवार से आते हैं। घर में पूजा-पाठ, बड़ों का सम्मान और सादा रहन-सहन रहा। उन्होंने जीवन में धैर्य और संयम सीखा। उन्हें मंदिर के प्रांगण में बैठना, गंगा किनारे की यादें और पुराने रिश्तों को जीवित रखना अच्छा लगता है। वे कम शब्दों में बात करते हैं, लेकिन बात पूरी होती है।

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