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पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव; नए अध्यक्ष की रेस में सिंगला, राजा वड़िंग का इस्तीफा

लुधियाना/चंडीगढ़: 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब पाँच महीने पहले कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश इकाई के नेतृत्व में बदलाव का फैसला कर लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को यह निर्णय बताए जाने के बाद उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश कर दी है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इस्तीफा संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को सौंपा गया। आधिकारिक घोषणा और उत्तराधिकारी का नाम अभी जारी नहीं हुआ है।

भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई और कई राष्ट्रीय रिपोर्टों के हवाले से पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला इस पद के लिए सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उत्तराधिकारी का ऐलान 24 से 48 घंटे के अंदर हो सकता है। कुछ सूत्रों ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती, की संभावना जताई है, पर यह तारीख आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है।

क्या कहा सूत्रों ने, क्या कहा नेताओं ने

सूत्रों के मुताबिक बदलाव का आधार पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट की संगठनात्मक समीक्षा है। पायलट को 5 सितंबर 2026 को भूपेश बघेल की जगह एआईसीसी महासचिव प्रभारी बनाया गया था। उन्होंने राज्य के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों से बातचीत की और गुटबाजी तथा प्रदेश अध्यक्ष के कामकाज पर रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी। एनडीटीवी और टाइम्स ऑफ इंडिया सहित कई रिपोर्टों में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल और पायलट की चर्चा के बाद फैसले की बात कही गई है।

कुछ हिंदी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने वड़िंग से फोन पर बात की और उन्हें कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है तो प्रधान पद छोड़ना होगा। यह बात केवल अनाम सूत्रों पर टिकी है। पार्टी ने इस संवाद की पुष्टि नहीं की है।

खुद वड़िंग ने 1 अक्टूबर को चंडीगढ़ में सवालों पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मैं अभी कुछ कहना नहीं चाहता। समय आने पर बताऊँगा। कई बातें आंतरिक हैं।” विजय इंदर सिंगला ने भी अटकलें खारिज करते हुए कहा कि वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं, जो जिम्मेदारी दी गई उसे निभाया है, और उनके संज्ञान में नेतृत्व बदलाव का कोई ऐसा मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह चर्चा फिलहाल मीडिया में है।

दौड़ में कौन-कौन

सिंगला के अलावा जिन नामों पर सूत्र चर्चा कर रहे हैं, उनमें जालंधर कैंट विधायक और पूर्व ओलंपियन परगट सिंह, राजासांसी विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व विधायक राणा के.पी. सिंह, गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी शामिल हैं। राणा गुरजीत सिंह उन नेताओं में रहे जिन्होंने वड़िंग को हटाए जाने की मांग की थी, पर उत्तराधिकारी की सूची में सूत्रों ने प्रमुखता से राणा के.पी. सिंह का नाम लिया है।

सिंगला कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, एआईसीसी के संयुक्त कोषाध्यक्ष और पार्टी की संपत्तियों के प्रभारी हैं। 1 जुलाई 2026 को उन्हें चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। वे हिंदू चेहरा माने जाते हैं और वर्तमान में सांसद नहीं हैं। ट्रिब्यून के अनुसार वे राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि हाईकमान उन्हें दिल्ली बुलाकर 2027 की रूपरेखा समझा चुका है, पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गुटबाजी कैसे बढ़ी

वड़िंग अप्रैल 2022 में, आम आदमी पार्टी के हाथों हार के तुरंत बाद, पीपीसीसी अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल करीब साढ़े चार साल का हो चुका है। मतभेद खुलकर 1 जुलाई 2026 के बाद सामने आए, जब हाईकमान ने वड़िंग को अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा, चन्नी को अभियान समिति का अध्यक्ष, सिंगला को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष और रंधावा को कोर कमेटी का अध्यक्ष बनाया।

चन्नी खेमे ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया। रंधावा, परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह समेत कई नेताओं ने वड़िंग को हटाए जाने और चन्नी को मुख्यमंत्री चेहरा बनाए जाने की मांग रखी। करीब तीन महीने तक दोनों पक्षों के समानांतर कार्यक्रम चलते रहे। भूपेश बघेल पर वड़िंग के पक्ष में झुकाव का आरोप लगा। 15 जुलाई के आसपास बघेल ने करीब 92 नेताओं से बात करके रिपोर्ट दी थी और तत्काल बदलाव की जरूरत नहीं बताई थी। इसके बाद 5 सितंबर को उन्हें असम की जिम्मेदारी देकर पायलट को पंजाब सौंपा गया।

चन्नी ने बाद में कहा है कि नाराजगी दूर हो चुकी है और सब मिलकर काम करेंगे। नियुक्तियाँ हाईकमान तय करेगा, यह भी उनका सार्वजनिक रुख रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की सितंबर रिपोर्ट में चन्नी खेमे के एक नेता ने पायलट की नियुक्ति को नई उम्मीद बताया था और वड़िंग के जल्द बदले जाने का भरोसा जताया था।

पायलट की भूमिका

पायलट का काम गुटबाजी समेटना और 2027 की तैयारी तेज करना बताया गया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने साफ संदेश दिया कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी और फैसला किसी एक खेमे के पास नहीं रहेगा। कार्यकर्ताओं को सीधे संगठन और प्रभारी से जुड़ने को कहा गया। टिकट बंटवारे में सिफारिश के बजाय सर्वे, जमीनी छवि और प्रदर्शन को आधार बनाने की बात भी सूत्रों ने कही है। ये बिंदु पार्टी के आधिकारिक प्रस्ताव के रूप में जारी नहीं हुए हैं; ये संगठनात्मक समीक्षा से जुड़ी व्याख्या हैं।

हाईकमान ऐसे चेहरे की तलाश में बताया जा रहा है जो चन्नी और वड़िंग दोनों पक्षों के साथ काम कर सके। सिंगला को इसी संतुलन के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है। यदि उनकी नियुक्ति होती है तो चन्नी अभियान समिति और रंधावा कोर कमेटी की पहले से दी जिम्मेदारियों पर बने रह सकते हैं, ऐसा कुछ रिपोर्टों में कहा गया है।

आगे क्या

पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च 2027 को समाप्त होता है। चुनाव आयोग ने तारीख नहीं घोषित की है। कांग्रेस के पास संगठन खड़ा करने, टिकट प्रक्रिया और प्रचार की रूपरेखा तय करने के लिए सीमित समय है। नया अध्यक्ष घोषित होने तक वड़िंग औपचारिक रूप से पद पर हैं या इस्तीफा स्वीकार हो चुका है, इसकी आधिकारिक स्थिति पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति से साफ होगी।

वड़िंग के दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मिलने की भी चर्चा है। जब तक नाम सार्वजनिक नहीं होता, सिंगला की अग्रता सूत्रों तक सीमित है। उन्होंने स्वयं किसी दावे से इनकार किया है।

समयरेखा

  • अप्रैल 2022: राजा वड़िंग पीपीसीसी अध्यक्ष बने।
  • 1 जुलाई 2026: वड़िंग बरकरार; चन्नी अभियान समिति प्रमुख, सिंगला चुनाव प्रबंधन प्रमुख।
  • 5 सितंबर 2026: सचिन पायलट पंजाब प्रभारी; भूपेश बघेल असम।
  • सितंबर 2026: पायलट की बैठकें और संगठनात्मक रिपोर्ट।
  • 30 सितंबर–1 अक्टूबर 2026: सूत्रों के अनुसार वड़िंग ने इस्तीफे की पेशकश की; सिंगला फ्रंटरनर। आधिकारिक ऐलान बाकी।

राजेश कुमार

उत्तर भारत के एक छोटे शहर में पले-बढ़े। बचपन से ही लोगों की बातें सुनना और आसपास की ज़िंदगी को ध्यान से देखना उनकी आदत रही है। परिवार में सादगी और मेहनत को हमेशा महत्व दिया गया। खाली समय में किताबें पढ़ना, पुरानी डायरियाँ पलटना और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठकर आम लोगों से बात करना उन्हें अच्छा लगता है। वे मानते हैं कि हर इंसान की अपनी एक कहानी होती है, बस उसे सुनने वाला कोई होना चाहिए।

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