छत्तीसगढ़

केंद्र ने छत्तीसगढ़ को कृषि योजनाओं के तहत 181.99 करोड़ रुपये जारी किए

रायपुर: केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को कृषि विकास से जुड़ी योजनाओं के तहत 181.99 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इसमें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 91.20 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना के अंतर्गत 90.79 करोड़ रुपये शामिल हैं।

यह जानकारी नई दिल्ली में 28 और 29 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026 के दौरान सामने आई। सम्मेलन के दौरान प्रदेश के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने दोनों योजनाओं के तहत दूसरी किस्त की राशि जारी किए जाने की जानकारी दी।

रबी सीजन की तैयारियों पर मंथन

सम्मेलन में रबी सीजन की तैयारियों और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं को छत्तीसगढ़ में प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा हुई। बैठक में किसानों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राज्य सरकार के अनुसार, इस आवंटन से प्रदेश में चल रहे विकसित संकल्प अभियान और खेत बचाओ अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।

दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने पर फोकस

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में दलहन और तिलहन फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत राशि मिलने से प्रदेश की विभिन्न कृषि योजनाओं और अभियानों को गति मिलेगी। इससे रबी सीजन के दौरान किसानों को सहायता मिलने और जमीनी स्तर पर काम तेज होने की संभावना है।

केंद्र और राज्य के बीच समन्वय

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। दोनों योजनाओं के तहत मिली राशि से प्रदेश में कृषि से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने राशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश के कृषि क्षेत्र को नई गति मिल रही है। इस राशि का उपयोग कृषि विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने और किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने में किया जाएगा।

राजेश कुमार

उत्तर भारत के एक छोटे शहर में पले-बढ़े। बचपन से ही लोगों की बातें सुनना और आसपास की ज़िंदगी को ध्यान से देखना उनकी आदत रही है। परिवार में सादगी और मेहनत को हमेशा महत्व दिया गया। खाली समय में किताबें पढ़ना, पुरानी डायरियाँ पलटना और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठकर आम लोगों से बात करना उन्हें अच्छा लगता है। वे मानते हैं कि हर इंसान की अपनी एक कहानी होती है, बस उसे सुनने वाला कोई होना चाहिए।

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