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तीन माह में दूसरी बार बदला सरायपाली थाना प्रभारी, अब प्रशिक्षु उपनिरीक्षक को कमान!एसपी प्रभात कुमार की तबादला नीति और प्रशिक्षु अधिकारी को थाने की जिम्मेदारी सौंपने को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा।

विकास नंद/सर्वव्यापी

जिले में पुलिस विभाग के भीतर एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने 6 नवंबर 2026 को जारी आदेश के तहत पांच पुलिस अधिकारियों की अस्थायी पदस्थापना में बदलाव किया है। इस फेरबदल में सरायपाली थाना विशेष रूप से चर्चा में है, जहां महज तीन माह के अंतराल में दूसरी बार थाना प्रभारी बदल दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार सरायपाली थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश यादव को थाना प्रभारी बलौदा बनाया गया है। वहीं प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अंजना को चौकी प्रभारी भंवरपुर से थाना प्रभारी सरायपाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रशिक्षु उपनिरीक्षक राकेश दिव्य को भी बलौदा से सरायपाली थाने में पदस्थ किया गया है। प्रशिक्षु उपनिरीक्षक शिवेंद्र सिंह राजपूत को चौकी प्रभारी भंवरपुर तथा सहायक उपनिरीक्षक टीकाराम सारथी को चौकी प्रभारी सिरपुर बनाया गया है।

प्रशिक्षु उपनिरीक्षक को थाना प्रभारी की जिम्मेदारी, चर्चा तेज

इस प्रशासनिक फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा सरायपाली थाना प्रभारी की जिम्मेदारी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अंजना को सौंपे जाने को लेकर हो रही है। सरायपाली जिले का महत्वपूर्ण थाना है। यहां अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, अवैध गतिविधियों पर अंकुश, यातायात प्रबंधन और सीमावर्ती क्षेत्र की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में एक प्रशिक्षु उपनिरीक्षक को थाने की कमान सौंपने के निर्णय को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए थाना प्रभारी इन चुनौतियों का किस तरह सामना करते हैं।

बार-बार तबादले से पुलिसिंग में स्थायित्व कैसे आएगा?

सरायपाली थाना क्षेत्र में तीन माह के भीतर दूसरी बार थाना प्रभारी बदलने से पुलिस व्यवस्था में निरंतरता और स्थायित्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। थाना प्रभारी का बार-बार बदलाव होने से क्षेत्र की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी, लंबित मामलों की निगरानी और पुलिसिंग की कार्ययोजना प्रभावित होने की आशंका रहती है।

जिला पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की तबादला नीति को लेकर अब यह सवाल चर्चा में है कि क्या लगातार प्रशासनिक फेरबदल से जिले की कानून व्यवस्था में अपेक्षित सुधार आएगा? अधिकारियों को बार-बार बदलने के बजाय उन्हें पर्याप्त समय देकर उनके कामकाज का मूल्यांकन करना भी जरूरी है।

बहरहाल, प्रशासनिक फेरबदल पुलिस विभाग का अधिकार क्षेत्र है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने से ही साबित होगी। अब देखना होगा कि प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के नेतृत्व में सरायपाली पुलिस किस तरह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है।

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