कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात, शिक्षा-परीक्षा सुधार पर चर्चा

नई दिल्ली: कांग्रेस शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई।
बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन शामिल हुए। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, रंदीप सिंह सुरजेवाला तथा संबंधित राज्यों के प्रभारी और शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहे।
क्या हुआ बैठक में
पार्टी नेतृत्व के अनुसार बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों को शिक्षा के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने, राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने पर चर्चा हुई। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने बैठक के बाद बताया कि मुख्यमंत्रियों को शिक्षाविदों, विशेषज्ञों, छात्र संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सलाह-मशविरा कर राज्य स्तरीय शिक्षा सेमिनार आयोजित करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि इन सेमिनारों से मिले सुझावों के आधार पर मुख्यमंत्री एक महीने के भीतर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेंगे। इसके बाद इन योजनाओं को लागू करने की रूपरेखा तय करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों के साथ सेमिनार आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
अगस्त की सीडब्ल्यूसी बैठक से जुड़ा संदर्भ
इससे पहले 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में खरगे और राहुल गांधी ने इन्हीं चार मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों पर रिपोर्ट तैयार कर एक महीने में सौंपने को कहा था। उस बैठक में शैक्षणिक कैलेंडर, भर्ती कैलेंडर, राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने की व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए थे।
मंगलवार की बैठक में इन्हीं विषयों पर आगे की चर्चा हुई। कुछ सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों की स्थिति, उठाए जा सकने वाले कदम और सुझाव भी पार्टी नेतृत्व के साथ साझा किए। स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए आधिकारिक बयान में मुख्य जोर आगामी एक महीने में सेमिनार कर विस्तृत कार्ययोजना बनाने पर रहा।
पार्टी का पक्ष
कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को छात्रों के भविष्य और रोजगार से जोड़कर देखा जाना चाहिए। पार्टी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और युवाओं की शिकायतों को लेकर पहले से सक्रिय है। बैठक में इसी अभियान को आगे बढ़ाने की भी चर्चा हुई।
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों को शिक्षा क्षेत्र में वैकल्पिक और छात्र-केंद्रित मॉडल विकसित करना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में वैचारिक प्रभाव बढ़ रहा है और विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ये आरोप राजनीतिक प्रकृति के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है।
किन राज्यों से जुड़े मुख्यमंत्री शामिल हुए
वर्तमान में कांग्रेस के मुख्यमंत्री तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और केरल में हैं। पार्टी इन्हीं चार राज्यों को शिक्षा सुधार की अपनी प्रस्तावित रूपरेखा का केंद्र बनाना चाहती है। बैठक में राज्यवार जरूरतों के अनुरूप योजना बनाने पर जोर दिया गया, न कि एक समान फॉर्मूले को सभी राज्यों पर लागू करने पर।
इस स्तर पर यह स्पष्ट है कि शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्रियों के बीच शिक्षा-परीक्षा सुधार पर समन्वय बैठक हुई है। विस्तृत रिपोर्टों की औपचारिक सार्वजनिक प्रतियां या राज्यवार अंतिम सिफारिशें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं। आगे की तस्वीर राज्य स्तरीय सेमिनार और एक महीने में बनने वाले एक्शन प्लान के बाद साफ होगी।



