बेलतरा विधायक के खिलाफ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, वाटर कैनन से मची अफरा-तफरी

छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 14अक्टूबर।बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कथित प्रशासनिक दबाव,भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ कांग्रेस का गुस्सा मंगलवार को सड़कों पर फूट पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग और टिन की चादरें लगाईं,लेकिन कार्यकर्ता उन्हें पार करने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया। तेज पानी की बौछारों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।
बेलतरा,बिलासपुर,बिल्हा,तखतपुर,मस्तूरी और कोटा से कांग्रेस कार्यकर्ता रिवर व्यू और कांग्रेस भवन में जुटे। दोपहर करीब एक बजे बैनर-पोस्टर और तख्तियां लेकर रैली नेहरू चौक पहुंची। यहां से कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यालय और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला को निशाना बनाते हुए नारे लगाए गए।
नेहरू चौक पर सभा को संबोधित करते हुए पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने राज्य सरकार और बेलतरा विधायक पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन विधायक के दबाव में काम कर रहा है और नियमों की अनदेखी की जा रही है।
केशरवानी के मुताबिक,नियमानुसार15जून से अक्टूबर तक जमीन की सीमांकन प्रक्रिया नहीं की जाती,लेकिन सेलर के सरपंच और ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय सिंह की जमीन का सीमांकन कथित तौर पर दबाव में कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई विपक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने के लिए की गई। केशरवानी का दावा है कि इस कार्रवाई पर सवाल उठाने पर तहसीलदार ने भी विधायक के दबाव में काम करने की बात स्वीकार की।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पुरुष और महिला जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की थी। जब कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे,तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
तेज बौछारों से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। विजय केशरवानी को चोट लग गई। ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी साहू के कपड़े भी फट गए।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया।
प्रदर्शन के कारण नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक मुख्य मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी,बैरिकेडिंग और वाटर कैनन के इस्तेमाल से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सत्ता के दबाव में गरीबों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कथित अन्याय बंद नहीं हुआ,तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की और कहा कि सरकारी अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए।
कांग्रेस भवन का गंगाजल से धोकर किया शुद्धिकरण
इसी बीच,कांग्रेस भवन में भाजपा महिला मोर्चा के सोमवार को हुए प्रदर्शन को लेकर शहर में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने छात्राओं से जुड़े कथित यौन दुर्व्यवहार के मामलों को लेकर कांग्रेस भवन के भीतर घुसकर नारेबाजी की थी। इस दौरान बैनर,पोस्टर और तख्तियां भी प्रदर्शित की गई थीं।
इसके विरोध में मंगलवार को महिला कांग्रेस ने कांग्रेस भवन परिसर को पानी के टैंकर से धुलवाया और इसके बाद गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया। महिला कांग्रेस ने भाजपा महिला मोर्चा के इस प्रदर्शन पर कड़ी आपत्ति जताई।
शुद्धिकरण कार्यक्रम के बाद महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा घृतलहरे के साथ सीमा पांडे,एंजेल चौकसे,अनुपा मिश्रा और गीतांजलि कौशिक ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कांग्रेस भवन के भीतर जबरन प्रवेश के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

