छत्तीसगढ़

वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत गांव-गांव चौपाल लगाएगी कांग्रेस: नवज्योति पटनायक

कोरबा, 30 अक्टूबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी नवज्योति पटनायक ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी देशभर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महाअभियान के तहत गांव-गांव चौपाल लगाकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों की जानकारी जुटाएगी। इन चौपालों के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि कितने मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और किन परिस्थितियों में उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाया है कि देशभर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम किस आधार पर हटाए गए हैं।

पटनायक कोरबा के टीपी नगर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महाअभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। इसके तहत पार्टी स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित की जा रही हैं और जमीनी स्तर पर अभियान को मजबूत किया जा रहा है। देशभर में 140 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर चौपाल लगाएंगे और मतदाताओं से सीधे संवाद कर यह जानकारी जुटाएंगे कि मतदाता सूची से किन लोगों के नाम हटाए गए हैं तथा इसके पीछे क्या कारण बताए गए हैं।

नवज्योति पटनायक ने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया के दौरान वोटों की कथित चोरी हो रही है और कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कई बार सबूत भी सार्वजनिक किए गए हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण नहीं, बल्कि वोट चोरी की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इससे आम मतदाताओं के मतदान के संवैधानिक अधिकार पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों चुनावों के बीच लगभग 40 लाख वोटों का अंतर सामने आया था। इस अंतर को लेकर भी चुनाव आयोग स्थिति स्पष्ट नहीं कर सका है। पटनायक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। पटनायक के अनुसार, पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की चयन प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, लेकिन अब मुख्य न्यायाधीश की जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर गांवों तक संघर्ष जारी रखेगी।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button