पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक: सेक्स से 30 मिनट पहले ली जाने वाली पिल बनी पहली पसंद, सर्वे में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक के मामले में अब तक महिलाओं पर ही ज्यादा जिम्मेदारी रही है, लेकिन एक नए सर्वे से पता चला है कि पुरुष भी इसमें अपनी भागीदारी निभाने को तैयार हैं। यूरोपीय देशों में हुए एक व्यापक सर्वे के अनुसार, पुरुषों की पहली पसंद सेक्स से 30 मिनट पहले ली जाने वाली नॉन-हार्मोनल पिल्स (Non-hormonal pills) हैं। कंडोम और नसबंदी जैसे पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए, अब सुरक्षित और नए पुरुष गर्भनिरोधक विकल्पों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
क्या कहता है मेल कॉन्ट्रासेप्टिव इनिशिएटिव (MCI) का सर्वे?
एनजीओ ‘मेल कॉन्ट्रासेप्टिव इनिशिएटिव’ (MCI) द्वारा जर्मनी, फ्रांस, इटली, पोलैंड, स्वीडन, तुर्की और ब्रिटेन में लगभग 14,000 पुरुषों पर एक सर्वे किया गया। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 62 प्रतिशत यूरोपीय पुरुष नए गर्भनिरोधक विकल्पों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। एमसीआई की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हीदर वाहदात के अनुसार, पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक लाने का मकसद महिलाओं के मौजूदा तरीकों की जगह लेना नहीं, बल्कि परिवार नियोजन में एक और सुरक्षित विकल्प जोड़ना है।
पहली पसंद बनी 30 मिनट पहले ली जाने वाली पिल
सर्वे में शामिल ज्यादातर पुरुषों ने सेक्स से 30 मिनट पहले ली जाने वाली नॉन-हार्मोनल गोली को अपनी पहली पसंद बताया। विभिन्न देशों में इस विकल्प को चुनने वाले पुरुषों का प्रतिशत इस प्रकार रहा:
- इटली: 32.5%
- ब्रिटेन: 31.4%
- पोलैंड: 30.9%
- स्वीडन: 30.5%
- तुर्की: 29.3%
- जर्मनी: 27.3%
- फ्रांस: 24.8%
यह गोली अस्थायी रूप से शरीर में शुक्राणु बनने की प्रक्रिया को रोकती है। वहीं, रोजाना त्वचा (कंधों और ऊपरी बाजुओं) पर इस्तेमाल किए जाने वाले हार्मोनल जेल को लगभग 9 से 11 प्रतिशत पुरुषों ने अपनी पसंद बताया।
बाजार में कब आएंगे नए विकल्प और क्या हैं चुनौतियां?
वर्तमान में पुरुषों के लिए 8 नए गर्भनिरोधक विकल्पों का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है, जिनमें पिल्स, हार्मोनल जेल, वास-ऑक्लूसिव हाइड्रोजेल और थर्मल सिलिकॉन रिंग शामिल हैं। सर्वे के अनुसार, अगर इन विकल्पों को मंजूरी मिल जाती है, तो जर्मनी और स्वीडन के 55% तथा पोलैंड के 66% पुरुष एक साल के भीतर ही इनका उपयोग शुरू कर देंगे।
हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि इन नए निरोधकों को बाजार तक पहुंचाने में सबसे बड़ी चुनौती फंडिंग की कमी है। पिछले 30 सालों से इस क्षेत्र में रिसर्च के लिए फंडिंग मुख्य रूप से सरकारी संस्थानों या चैरिटी से आ रही है और निजी फार्मा कंपनियों की भागीदारी अभी भी बहुत सीमित है।
लैंगिक समानता और WHO का दृष्टिकोण
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के यौन, प्रजनन, मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य विभाग की निदेशक पास्केल एलोटे इसे लैंगिक समानता (Gender Equality) का मुद्दा मानती हैं। उनका कहना है कि हर किसी के लिए गर्भनिरोधक का एक ही तरीका सही नहीं हो सकता। इसी साल सितंबर में WHO ने पुरुषों के गर्भनिरोधक को लेकर नई गाइडलाइंस भी जारी की हैं। इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं पर पड़े गर्भनिरोधक के बड़े बोझ को कम करना और पुरुषों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है।
पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक क्यों है जरूरी?
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अनुसार, दुनिया भर में होने वाली करीब आधी प्रेग्नेंसी अनचाही होती हैं। WHO के 2025 के आंकड़े बताते हैं कि विश्वभर में हर साल करीब 7.3 करोड़ गर्भपात होते हैं। इसके अलावा, स्टील्थिंग (पार्टनर की सहमति के बिना सेक्स के दौरान कंडोम हटा देना) जैसी घटनाओं का सामना 9 से 32 प्रतिशत महिलाओं को करना पड़ता है।
सर्वे में शामिल लगभग 96 प्रतिशत लोगों का मानना है कि परिवार नियोजन में पुरुषों की भूमिका महिलाओं के बराबर या उससे ज्यादा होनी चाहिए। विशेषज्ञ हीदर वाहदात के मुताबिक, महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक तरीकों ने उन्हें पढ़ाई, करियर और परिवार शुरू करने जैसे अहम फैसले लेने की आजादी दी है। अब पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए संतुलित तरीके से सुरक्षित हार्मोनल और नॉन-हार्मोनल विकल्प विकसित किए जाने की सख्त जरूरत है।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट डॉयचे वैले (DW) पर प्रकाशित शिवांगी सक्सेना की मूल रिपोर्ट और सर्वे के आंकड़ों पर आधारित है।)
