101 फीट ऊंचे दशानन का होगा दहन डब्ल्यूआरएस मैदान

5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना; डेका,साय अन्य जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 13 अक्टूबर । राजधानी के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित दशहरा मैदान में विजयादशमी के पावन अवसर पर रावण दहन के भव्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष 101 फीट ऊंचे दशानन रावण का दहन होगा।।
इस भव्य आयोजन में लगभग 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है।
इस आयोजन में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित प्रदेश के मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक एवं निगम-मंडल के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि डब्ल्यूआरएस मैदान का यह उत्सव राजधानी की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, परिवार और श्रद्धालु शामिल होते हैं। लगभग 5 लाख लोगों की संभावित उपस्थिति को देखते हुए आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ सभी नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पार्किंग से सुरक्षा तक, व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी
पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था: उत्सव में पहुंचने वाले नागरिकों के वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग तथा यातायात के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे, ताकि लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना न करना पड़े।
पेयजल व्यवस्था: बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।
सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन: लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ के सुव्यवस्थित संचालन तथा आवश्यक दिशा-निर्देशों के पालन को प्राथमिकता दी जाएगी।
चिकित्सा एवं आपातकालीन सहायता: किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक उपचार, चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं के समन्वय पर ध्यान दिया जाएगा।
स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था: दशहरा मैदान और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी तथा नागरिक सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।
अग्निशमन एवं आतिशबाजी सुरक्षा: दशानन रावण के दहन और भव्य आतिशबाजी के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।



