बस में 245 किलो गांजा, कीमत 1.22 करोड़

50लाख की बस और मोबाइल समेत1.73करोड़ का माल जब्त
छत्तीसगढ़ संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 6अक्टूबर।मलकानगिरी से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में गांजा पहुंचाने की तैयारी को पेंड्रा पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस ने44सीटर टाटा स्लीपर बस से245किलो गांजाबरामद किया है। गांजा49पैकेटों में रखा था। इसकी अनुमानित कीमत1करोड़22लाख50हजार रुपयेबताई गई है।
पुलिस ने बस के मालिक-चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गांजे के साथ करीब50लाख रुपये कीमत की बस और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब1करोड़73लाख10हजार रुपयेआंकी गई है।
एसपी मनोज कुमार खिलारी के निर्देशन और एएसपी अविनाश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में अवैध नशे के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। इसी अभियान के दौरान पेंड्रा पुलिस को गांजा तस्करी की सूचना मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस ने जगुआर ट्रैवल्स की टाटा स्लीपर बस को रोककर तलाशी ली। बस के भीतर अलग-अलग पैकेटों में गांजा छिपाकर रखा गया था। गिनती और वजन करने पर कुल245किलो गांजा मिला।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों में ओडिशा के मलकानगिरी निवासी दिलीप कुमार हिंदिया शामिल है। पूछताछ में उसने खुद को बस का मालिक और चालक बताया।
दूसरा आरोपित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र का भीमसेन केंवट है। पुलिस के अनुसार वह कटघोरा से बस में सवार हुआ था और रास्ते में चालक को आगे का रास्ता बताने का काम कर रहा था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गांजा ओडिशा के मलकानगिरी से लाया जा रहा था। इसे बोरी,धमतरी,रायपुर,बिलासपुर,पाली,कटघोरा और पसान होते हुए पेंड्रा पहुंचाने की योजना थी।
पुलिस के अनुसार गांजा पेंड्रा पहुंचने के बाद कोरबा और आसपास के इलाकों में खपाया जाना था। अब जांच का अगला फोकस इस सप्लाई चेन से जुड़े दूसरे लोगों पर है।
पुलिस ने245किलो गांजे के अलावा करीब50लाख रुपये कीमत की यात्री बस और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मोबाइल की कीमत करीब60हजार रुपये बताई गई है। इस तरह जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत1.731करोड़ रुपये है।
कार्रवाई में पेंड्रा थाना प्रभारी रणक्षोर सिंह सेंगर,प्रशिक्षु उप निरीक्षक गगन तिवारी,खोंडरी चौकी प्रभारी सनत मात्रे और साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार हनोटिया की टीम शामिल रही।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफNDPSएक्ट की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। अब पूछताछ के जरिए गांजा उपलब्ध कराने वाले और इसे आगे पहुंचाने वाले लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
