बिजली संकट : डिमांड में 1500 मेगावाट का उछाल

पूरे देश में कमी, अन्य राज्यों से भी नहीं मिल पा रही
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 16 अक्टूबर। प्रदेश में बिजली की समस्या ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पहली बार अक्टूबर महीने में बिजली की खपत 1500 मेगावाट बढ़ गई है। हाल ये है कि पावर कंपनी बिजली खरीदने के तैयार नहीं है, लेकिन पूरे देश में बिजली का संकट पैदा हो गया है। पावर कंपनी के अफसरों का कहना है कि एग्रीकल्चर सेक्टर में बिजली की डिमांड बढऩे से समस्या पैदा हुई है, और बिजली की कटौती की नौबत आई है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कटौती पर राज्य पावर कंपनी से जवाब तलब किया है। इस पूरे मामले में राज्य पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एक सीनियर अफसर ने छत्तीसगढ़ से चर्चा में बताया कि न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में बिजली की कमी है। छत्तीसगढ़ में अक्टूबर महीने में पिछले साल अधिकतम 5300 मेगावाट खपत होती थी, जो कि बढक़र 6800 मेगावाट तक पहुंच गई है।
अफसर के मुताबिक कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग बढऩे, गर्मी और त्योहारों के कारण खपत में अचानक इजाफा हुआ है। सोमवार दोपहर को बिजली की खपत 5300 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि गुरुवार को पीक आवर्स में मांग करीब 68 सौ मेगावाट तक पहुंच गई थी। बढ़ती मांग के बीच बिजली की आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है।
राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्र पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन कर रहे हैं। हालांकि 250 मेगावाट क्षमता वाली डीएसपीएम की एक इकाई वार्षिक रखरखाव के चलते बंद है। इसकी भरपाई पड़ोसी राज्यों और पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदकर की जा रही है।

