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विश्व दृष्टि दिवस पर खमतराई हाई स्कूल में नेत्र परीक्षण शिविर

  रामकुमार गुप्ता आरंग। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर 8 अक्टूबर को हाई स्कूल खमतराई में नेत्र परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी के निर्देशन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी अनंत के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों की आंखों की जांच के साथ उन्हें नेत्र सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

शिविर में नेत्र सहायक अधिकारी सालिक नौरंगे ने विशेष रूप से उपस्थित होकर हाई एवं मिडिल स्कूल के कुल 105 छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया। जांच के दौरान 5 विद्यार्थियों में दृष्टि दोष पाया गया। इन विद्यार्थियों के चश्मे की जांच की गई है। शासन से चश्मे प्राप्त होने के बाद नियमानुसार संबंधित विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मा प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर नेत्र सहायक अधिकारी सालिक नौरंगे ने विद्यार्थियों को विश्व दृष्टि दिवस के महत्व के साथ आंखों की सुरक्षा और स्वस्थ दृष्टि के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आंखों को चोट से बचाना, धूम्रपान से दूरी बनाए रखना तथा मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। स्क्रीन का उपयोग करते समय आंखों और स्क्रीन के बीच उचित दूरी बनाए रखने के साथ ही बीच-बीच में आंखों को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ खान-पान आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही नियमित रूप से नेत्र जांच कराने तथा दृष्टि संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करते हुए समय पर नेत्र चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य टिकेश्वरी चंद्राकर, प्रभारी प्रधान पाठक हरीश दीवान, सी.एल. एनेस्वरी, बबीता लहरे, सीमा राठौर, तारकेश्वर डडसेना, पुनेश्वर साहू, हेमा बंजारे, सौरभ साहू सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।चाहें तो मैं इसी समाचार के लिए 2-3 और दमदार अखबारी हेडिंग भी बना सकता हूँ।

अजय यादव

एक सीधे-सादे स्वभाव के व्यक्ति हैं। बचपन से ही अपने आसपास की बातों को याद रखने की आदत रही। परिवार में बड़ों का आदर और मेहनत की सीख मिली। वे सड़कों पर घूमना, बस-स्टैंड और बाजार की हलचल देखना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि असली तस्वीर वही है जो आम दिन में दिखती है, किसी मंच पर नहीं।

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