आखिरकार मोहनीश आनंद देवांगन को सक्ती के लिए किया गया भारमुक्त, शासन ने जारी किया आदेश

कोरबा। कोरबा जिले से स्थानांतरण के बावजूद नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के मामले में आखिरकार जनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रहे मोहनीश आनंद देवांगन को शासन ने भारमुक्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने उन्हें एकतरफा भारमुक्त करने का आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से सक्ती में पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में बरपाली निवासी लखन गोस्वामी द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हुआ था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनीश आनंद देवांगन जिला पंचायत कोरबा में सहायक परियोजना अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। शासन द्वारा उनका स्थानांतरण प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सक्ती के पद पर किया गया था। हालांकि, स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी उनके नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने का मामला सामने आया। इसे लेकर शासन के आदेश के पालन पर सवाल उठाए जा रहे थे।
इस संबंध में बरपाली निवासी लखन गोस्वामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की थी। शिकायत के माध्यम से शासन का ध्यान इस प्रकरण की ओर आकर्षित कराया गया। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मामले में कार्रवाई करते हुए मोहनीश आनंद देवांगन को एकतरफा भारमुक्त करने का आदेश जारी किया।
छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मोहनीश आनंद देवांगन को प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सक्ती के पद के लिए एकतरफा भारमुक्त किया जाता है। साथ ही उन्हें अविलंब नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने और इसकी पालन प्रतिवेदन शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि देवांगन का आगामी वेतन आहरण अनिवार्य रूप से उनके नवीन पदस्थापना स्थल जनपद पंचायत सक्ती से ही किया जाएगा। शासन ने आदेश को तत्काल प्रभावशील घोषित किया है।
इस कार्रवाई के बाद अब मोहनीश आनंद देवांगन को सक्ती में अपनी नई जिम्मेदारी संभालनी होगी। शासन के इस आदेश को स्थानांतरण संबंधी निर्देशों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




