छत्तीसगढ़

व‍िदेश मंत्री का घाना-कोट डी आइवर-इथियोपिया का दौरा, द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर । विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 6 से 10 अक्टूबर तक घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे तीनों देशों में अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। बैठक में व्यापार, विकास, सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, घाना, कोट डी आइवर और इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान विदेश मंत्री तीनों देशों में अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और वहां के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों में आपसी दोस्ती और सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के संबंधों के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होगी। इनमें व्यापार और आर्थिक संबंध, विकास से जुड़ा सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे मुद्दे शामिल होंगे। इसके अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार साझा किए जाएंगे।

मंत्रालय के अनुसार, अदीस अबाबा में विदेश मंत्री क्षेत्रीय भारतीय मिशन प्रमुखों (एचओएमएस) के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे। विदेश मंत्री की यह यात्रा अफ्रीका के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ के देशों के साथ भारत की एकजुटता को भी और मजबूत करेगी। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को नई दिल्ली में स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साह की प्रशंसा की। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर इस मुलाकात से संबंधित जरूरी जानकारी साझा की। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन के बीच बैठक से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ेगा। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, भारत की राजकीय यात्रा पर आए स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत-ईएफटीए टीईपीए के वादे को आगे बढ़ाते हुए हमारी साझेदारी को गहरा करने के राष्ट्रपति परमेलिन के विचारों की गहराई से सराहना करता हूं। –(आईएएनएस)

अजय यादव

एक सीधे-सादे स्वभाव के व्यक्ति हैं। बचपन से ही अपने आसपास की बातों को याद रखने की आदत रही। परिवार में बड़ों का आदर और मेहनत की सीख मिली। वे सड़कों पर घूमना, बस-स्टैंड और बाजार की हलचल देखना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि असली तस्वीर वही है जो आम दिन में दिखती है, किसी मंच पर नहीं।

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