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पितरों की स्मृति में अग्रवाल परिवार ने बच्चों को कराया न्योता भोज, पौष्टिक आहार के महत्व का दिया संदेश

रामकुमार गुप्ता आरंग: पितरों की स्मृति को सेवा और सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए स्थानीय सोनू पुस्तक भंडार के संचालक बृजेश कुमार अग्रवाल एवं ग्रीष्मा अग्रवाल ने अपने पंचवटी परिवार द्वारा प्रदत्त शासकीय श्री भागीरथी लाल अग्रवाल पूर्व माध्यमिक शाला में विद्यालयीन एवं आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया। शासन की अभिनव पोषण पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन परोसे गए। इस पहल से बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। विद्यालय के दानदाता परिवार की ओर से आशुतोष अग्रवाल (राजू भैया) ने मां सरस्वती का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर अतिथियों का बच्चों ने गुलाल लगाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया।

न्योता भोज में बच्चों को अंकुरित चना, मूंग, फल्लीदाना, भुजिया सेव, खीर, पूड़ी, बड़ा, केला सहित भारतीय मिठाइयों में विशेष स्थान रखने वाली स्वादिष्ट जलेबी परोसी गई। बच्चों के साथ उपस्थित अतिथियों ने भी भोजन ग्रहण किया। स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन पाकर बच्चे बेहद प्रसन्न नजर आए। बच्चों ने अग्रवाल परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर बृजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा जीवन में अनुशासन और अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अंकुरित अनाज एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि संतुलित और पोषक भोजन बच्चों के शारीरिक विकास, बेहतर स्वास्थ्य तथा पढ़ाई में एकाग्रता के लिए महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम को गरिमामय एवं सफल बनाने में शाला विकास समिति के अध्यक्ष नरसिंग बंजारे, पार्षद संतोष लोधी, प्रधानपाठिका सरिता वर्मा, प्रधानपाठक लालसाहीबो सिंह, कैलाश पटेल, सविता चंद्राकर, धर्मेन्द्र दीवान, पुरुषोत्तम साहू, गुलाब चंद्राकर, पुष्पा दीदी, मदन धृतलहरे एवं राजकुमारी शर्मा का सराहनीय योगदान रहा।

पितरों की स्मृति में आयोजित इस न्योता भोज के माध्यम से अग्रवाल परिवार ने बच्चों के साथ खुशियां साझा करने के साथ ही सेवा, सहयोग और पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस तरह के आयोजन समाज में परोपकार की भावना को मजबूत करने के साथ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बनते हैं।

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