आशीर्वाद प्वाइंट के लीज नवीनीकरण पर एमआईसी में उठा मुद्दा, 47.39 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी
- किराया अधिक होने से आम लोगों को नहीं मिल पा रहा लाभ, भवन का संचालन निगम के अधीन रखने की मांग; महापौर ने विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
कोरबा, 05 नवंबर 2026। नगर पालिक निगम कोरबा की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में शहर के विकास, निर्माण और नागरिक सुविधाओं से जुड़े 47 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक के विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। वहीं, वार्ड क्रमांक 15 स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सांस्कृतिक भवन (आशीर्वाद प्वाइंट) के लीज नवीनीकरण और संचालन का मुद्दा भी चर्चा में रहा। भवन का लीज नवीनीकरण नहीं करने और इसका संचालन नगर निगम के अधीन रखने की मांग उठाई गई है।
महापौर संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता और निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय की उपस्थिति में पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार स्थित एमआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नवनियुक्त एमआईसी सदस्यों का स्वागत करने के बाद कार्यवाही शुरू हुई।
एमआईसी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क डामरीकरण, नाली निर्माण, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, कलवर्ट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और पेयजल व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। इनमें पावर हाउस रोड से पुराने बस स्टैंड तक तथा सुनालिया ब्रिज से पावर हाउस रोड फाटक तक सड़क डामरीकरण, ध्यानचंद चौक से बालको तक सड़क चौड़ीकरण के कारण पाइपलाइन शिफ्टिंग, वार्ड क्रमांक 20 में स्टॉर्म ड्रेन और विभिन्न वार्डों में नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं। इसके अलावा कोसाबाड़ी क्षेत्र में सड़क डामरीकरण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, उद्यानों के रखरखाव, सफाई व्यवस्था, फॉगिंग मशीन, सोलर पैनल और जल आवर्धन योजना के संचालन एवं संधारण से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में आशीर्वाद प्वाइंट के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व पार्षद एवं पार्षद कुपाराम साहू के नेतृत्व में निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर भवन का लीज नवीनीकरण रोकने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि भवन का निर्माण मध्यमवर्गीय परिवारों को सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किफायती सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन अधिक किराया होने के कारण जरूरतमंद परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निजी एजेंसी के संचालन में भवन का किराया और आयोजन संबंधी खर्च बढ़ गए हैं। टेंट, लाइट, एसी, डीजे और कैटरिंग जैसी व्यवस्थाओं के लिए भी लोगों को निर्धारित एजेंसी पर निर्भर रहना पड़ता है। इंदिरा विहार विकास समिति, टीपी नगर ने भी इस संबंध में आपत्ति जताते हुए भवन को दोबारा लीज पर देने के बजाय नगर निगम द्वारा निर्धारित दरों पर स्वयं संचालित करने की मांग की है। समिति ने आसपास के रहवासियों को आयोजनों के दौरान होने वाले शोर से परेशानी का मुद्दा भी उठाया है। इस संबंध में एमआईसी के पूर्व प्रस्ताव क्रमांक 675, दिनांक 20 नवंबर 2024 का हवाला देते हुए लीज नवीनीकरण नहीं करने की मांग की गई है।
बैठक के दौरान महापौर ने निगम के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और स्वीकृत कार्यों को शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी करने तथा नागरिक सुविधाओं में और सुधार लाने पर भी जोर दिया।
बैठक में एमआईसी के सदस्य, अपर आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, जोन कमिश्नर सहित निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


