यूपी को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आईटी विभाग एक्शन मोड में, मंत्री सुनील शर्मा ने निवेश मंजूरी और प्रोत्साहन वितरण में तेजी के दिए निर्देश

लखनऊ, 30 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के योगी सरकार के लक्ष्य को तकनीक आधारित विस्तार देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने बुधवार को योजना भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने की। बैठक में विभाग की प्रमुख नीतियों के क्रियान्वयन, निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति, प्रोत्साहन वितरण और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नीतियों और योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखा जाए। उनका लाभ निवेशकों, कंपनियों और प्रदेश के युवाओं तक निर्धारित समयसीमा में पहुंचना चाहिए। बैठक में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों को प्रदेश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार बनाने पर जोर दिया गया।
किन नीतियों की हुई समीक्षा
बैठक में आईटी नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति, सेमीकंडक्टर नीति, डेटा सेंटर नीति, स्टार्टअप नीति और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) से जुड़े प्रावधानों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन योजनाओं के मौजूदा स्टेटस की जानकारी दी। चर्चा का केंद्र यह रहा कि इन क्षेत्रों में घरेलू और विदेशी निवेश कैसे बढ़ाया जाए, नवाचार को कैसे प्रोत्साहन मिले और रोजगार के नए अवसर कैसे पैदा हों।
सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर नीतियाँ पहले से ही राज्य सरकार की प्राथमिकता में हैं। सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए केस-टू-केस प्रोत्साहन की व्यवस्था है, जबकि डेटा सेंटर नीति का लक्ष्य क्षमता और निवेश दोनों बढ़ाने का रहा है। जीसीसी को आकर्षित करने के लिए भूमि सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी छूट, पूंजीगत और परिचालन प्रोत्साहन जैसे प्रावधान पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। बैठक में इन्हीं प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस रहा।
निवेश, रोजगार और कौशल विकास पर जोर
सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में होने वाला निवेश केवल अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी तैयार करेगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तकनीकी विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि लाभ केवल कुछ इलाकों तक सीमित न रहे।
मंत्री ने निवेश प्रस्तावों की स्वीकृति, प्रोत्साहन राशि के वितरण और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय बैठकें करने और योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। नई पहलों और प्रोत्साहन योजनाओं को तय समयसीमा में अंतिम रूप देकर लागू करने पर विशेष बल दिया गया।
ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य में आईटी सेक्टर की भूमिका
योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इस दिशा में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है। प्रदेश पहले से ही देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल उत्पादन का बड़ा हिस्सा रखता है। अब सरकार सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की ओर कदम बढ़ा रही है, ताकि मूल्य श्रृंखला में और ऊपर पहुँचा जा सके।
बैठक में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम में तेजी लाने को कहा गया। विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निवेश, नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी विकास को गति देने का संकल्प दोहराया गया। मंत्री ने कहा कि निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना और परियोजनाओं को समय पर पूरा करना इस लक्ष्य के लिए जरूरी है।
कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आलोक कुमार (आईएएस), विशेष सचिव एवं प्रबंध निदेशक, यूपी डेस्को, आकांक्षा राणा (आईएएस), विशेष सचिव एवं प्रबंध निदेशक, यूपीएलसी, जसजीत कौर (आईएएस) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आलोक कुमार योजना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के भी प्रमुख सचिव हैं और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था पहल के नोडल अधिकारी की भूमिका में हैं।
बैठक के निर्णयों के जरिए प्रदेश को डिजिटल और तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के योगदान को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी। विभाग अब नीतियों के समयबद्ध क्रियान्वयन और निवेश प्रक्रिया में तेजी लाने पर काम करेगा।



