19 को होगा ज्योति जवारा विसर्जन महाअष्टमी पर हवन और पूर्णाहुति बाबा महाकाल की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
राजनांदगांव : शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर मनगटा जंगल में स्थित ग्राम जोरातराई का पहाड़ी पाठ बाबा धाम शारदीय नवरात्र पर श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। घने जंगल और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित इस देवस्थल में 11 अक्टूबर को ज्योति कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन शुरू हुआ। मंदिर परिसर में घी और तेल के 300 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं।
मंदिर में 15 अक्टूबर को पंचमी पर माता का विशेष शृंगार होगा। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी पर हवन और दोपहर चार बजे पूर्णाहुति होगी। 19 अक्टूबर को ज्योति-जवारा विसर्जन किया जाएगा। इन आयोजनों में क्षेत्र सहित दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। पहाड़ी पाठ देवस्थल उत्थान समिति के अध्यक्ष और जोरातराई के पूर्व सरपंच संतोष कुमार साहू ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी 300 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में पुजारी संतोष शर्मा, समिति के उपाध्यक्ष नरसिंह साहू, सचिव सुदामा लाल साहू, कोषाध्यक्ष रामलाल साहू, सहसचिव पुरुषोत्तम कुमार साहू तथा संरक्षक सुरेंद्र शर्मा, शिवलाल चक्रधारी और डा. जीएस राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बाबा महाकाल की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
पहाड़ी पाठ बाबा धाम में स्थापित बाबा महाकाल की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। प्रतिमा के शीश से बहती जलधारा और आसपास का शांत वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है। मान्यता है कि यहां जंगल में मुंडी पेड़ के नीचे भगवान शिव स्वयंभू रूप में प्रकट हुए थे। मंदिर परिसर में माता मंदिर सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। श्रद्धालु मनोकामना दीप प्रज्वलित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
