बस्तर दशहरा : पीढ़ियों से रथ निर्माण की परंपरा निभा रहे कारीगर, समय पर तैयार होगा विजय रथ

छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 9 अक्टूबर। बस्तर के ऐतिहासिक और आस्था के महापर्व दशहरा-2026 के लिए विजय रथ निर्माण का काम जोर-शोर से चल रहा है। रथ निर्माण की जिम्मेदारी झाड़उमरगांव और बेड़ाउमरगांव के ग्रामीणों को सौंपी जाती है। इन गांवों के कारीगर पीढ़ियों से इस परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं। इस बार भी दोनों गांवों के 50 से अधिक कारीगर रथ को आकार देने में जुटे हैं। सुबह से ही सभी कारीगर अपने-अपने हिस्से के काम में लग जाते हैं, ताकि निर्धारित समय पर रथ का निर्माण पूरा किया जा सके।
रथ निर्माण का काम सबसे बुजुर्ग दलपति के नेतृत्व में किया जा रहा है। कारीगर पारंपरिक तरीके से रथ के अलग-अलग हिस्सों को तैयार करने में जुटे हैं। इस वर्ष बारिश और बाढ़ के कारण निर्माण कार्य में कुछ देरी हुई है, लेकिन दलपति को भरोसा है कि विजय रथ समय पर तैयार हो जाएगा।
बस्तर दशहरा में चलने वाले विजय रथ का निर्माण आठ पहियों वाला किया जा रहा है। पर्व की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कारीगर पूरी लगन से काम कर रहे हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोगों की आस्था का प्रतीक है।
