मानसून की वापसी जारी: 1 अक्टूबर को दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश-आंधी का अनुमान, उत्तर भारत में मौसम साफ रहने की संभावना

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत से धीरे-धीरे वापस ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मौसम मुख्य रूप से साफ और अपेक्षाकृत गर्म रहने की संभावना है। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट के कारण उत्तर भारत में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। यह मानसून की वापसी का सामान्य संकेत है। पूरे देश में मानसून गतिविधि अब पहले जैसी सक्रिय नहीं रही। जून से सितंबर तक देश में सामान्य से लगभग 12.6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
1 अक्टूबर का क्षेत्रवार मौसम पूर्वानुमान
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत: आसमान साफ रहने और दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस तथा रात का तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मानसून की वापसी के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्से में भी सूखा मौसम रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत: केरल और माहे तथा कर्नाटक के कुछ हिस्सों में काफी जगहों से व्यापक बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छिटपुट से बिखरी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में काफी जगहों से व्यापक बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बिखरी बारिश के साथ गरज-चमक की आशंका है।
पूर्वी और मध्य भारत: उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में छिटपुट से बिखरी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक भी संभव है। ओडिशा में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में बिखरी बारिश का अनुमान है। गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
हवा और अन्य चेतावनियां
दक्षिण भारत के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अनुमान है। हवा की रफ्तार सामान्यतः 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। मछुआरों और तटीय इलाकों के निवासियों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।
मानसून की स्थिति और आगे का अनुमान
मानसून की वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में यह और आगे बढ़ सकती है। अक्टूबर महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम लोगों से सलाह दी है कि वे स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान दें। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधा और बिजली गिरने का खतरा हो सकता है। उत्तर भारत में साफ मौसम के कारण प्रदूषण स्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
यह पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक बुलेटिन और क्षेत्रीय केंद्रों की जानकारी पर आधारित है। मौसम परिवर्तनशील होता है, इसलिए ताजा अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप देखें।



